घोघरडीहा का औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान बनेगा ड्रोंस सेंटर ऑफ एक्सीलेंस
मधुबनी । राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान घोघरडीहा डोन्स सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित होगा।

मधुबनी । राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, घोघरडीहा डोन्स सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित होगा। इसके लिए संस्थान ने नोएडा के आइजी ड्रोन्स के साथ अनुबंध किया है। अनुबंध के अनुसार, आधारभूत ड्रोन प्रशिक्षण संरचना के उन्नयन, ड्रोन पायलट ट्रेनिग तथा उद्योगों के आवश्यकता के अनुरुप प्रशिक्षणार्थियों को नए तकनीकों की जानकारी दी जा सकेगी। प्रशिक्षण के लिए आइजी ड्रोन्स की ओर से उपकरण आदि उपलब्ध कराया जाएगा। संस्थान में तकनीकी प्रयोगशाला की स्थापना की जाएगी। क्राफ्टमैन्स योजना के तहत ड्रोन तकनीक रिमोटली पायलेटेड एयरक्राफ्ट अर्थात ड्रोन पायलट का प्रशिक्षण दिया जाएगा। बता दें कि आइजी ड्रोन्स कंपनी आधुनिक तकनीकों से लैस है और इसके द्वारा पावर लाइन मॉनिटरिग, सोलर पैनल, पाइप लाइन मॉनिटरिग, पुल, रेलवे तथा खानों का सर्वेक्षण, बाढ़ एवं कृषि सर्वेक्षण, स्मार्ट सिटी, तेल एवं प्राकृतिक गैस तथा वन्य जीवन एवं वानिकी सर्वेक्षण आदि कार्य देशभर में किए जा रहे हैं। ----------------- प्रशिक्षण के बाद प्लेसमेंट भी मिलेगा : स्थानीय युवाओं को ड्रोन्स संचालन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। औद्योगिक मानकों के अनुरूप फिल्ड ट्रेनिग दी जाएगी और प्रशिक्षित उम्मीदवारों को प्लेसमेंट भी मिलेगा। प्रशिक्षण प्राप्त करने वालों को नेशनल ट्रेड सर्टिफिकेट इन ड्रोन पायलटिग एंड डेवलपमेंट ट्रेड का प्रमाण पत्र भी दिया जाएगा। ट्रेनिग ऑफ ट्रेनर बेसिस पर इच्छुक प्रशिक्षण संस्थानों, राज्य सरकार संपोषित संस्थानों, पॉलिटेक्निक तथा अभियंत्रण महाविद्यालय से समन्वय स्थापित कर प्रशिक्षण देने की व्यवस्था की जाएगी। ----------------- ड्रोन्स तकनीक का प्रशिक्षण देने वाला राज्य का पहला आइटीआइ : बता दें कि घोघरडीहा स्थित औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान ड्रोन्स तकनीक का प्रशिक्षण शुरू करने वाला राज्य का पहला आइटीआइ है। पिछले साल आइटीआइ का एल एंड टी कंपनी (लार्सन एंड टुब्रो) से भी एमओयू हो चुका है। इसके तहत मैकेनिकल एवं इलेक्ट्रिकल ग्रुप के बच्चे प्रशिक्षण पाने के बाद नौकरी के लिए सीधे इस कंपनी में जाते हैं। अभी तक 59 और 51 छात्रों के दो बैच को इस माध्यम से प्लेसमेंट हो चुका है। वर्तमान में इस आइटीआइ में 11 विभिन्न ट्रेडों में करीब 300 विद्यार्थी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। इसके अलावा यहां मिथिला पेंटिग एवं असिस्टेंट इलेक्ट्रिशियन का शार्ट टर्म वर्कशॉप भी आयोजित किया जाता है ---------------- दो-तीन महीने में शुरू होगा प्रशिक्षण : ड्रोन्स तकनीक का प्रशिक्षण शुरू होने में दो से तीन महीने का समय लग सकता है। प्राचार्य कुमार वैभव के अनुसार दो-तीन महीने में आइटीआइ में प्रयोगशाला तैयार हो जाएगा जिसके बाद प्रशिक्षण की शुरूआत हो जाएगी। भारत सरकार के सेक्टर स्कील काउंसिल के मानकों के अनुरूप यह प्रशिक्षण दिया जाएगा। ------------------- स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के बेहतर अवसर : संस्थान के इंस्टीट्यूट मैनेजमेंट कमेटी (आइएमसी) के अध्यक्ष राजन कुमार झा ने बताया कि भविष्य में मधुबनी ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश के युवाओं के लिए यह प्रशिक्षण मील का पत्थर साबित होगा। प्राचार्य सह आइएमसी के सदस्य सचिव कुमार वैभव ने बताया कि संस्थान में इस प्रकार की योजना प्रारंभ किए जाने से कृषि, वानिकी, सुरक्षा एवं सर्वेक्षण जैसे महत्वपूर्ण कार्य स्थानीय स्तर पर किए जा सकते हैं। किसानों एवं स्थानीय युवाओं के लिए यह एमओयू रोजगार व तरक्की के नए अवसर लेकर आएगा।
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