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    भारतीय संस्कृति व्यास के महाकाव्य से है समृद्ध

    By JagranEdited By:
    Updated: Wed, 13 Jul 2022 06:43 PM (IST)

    संवाद सूत्र मधेपुरा जिला मुख्यालय स्थित वेद व्यास महाविद्यालय परिसर में महर्षि वेद व्यास की जयंती

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    भारतीय संस्कृति व्यास के महाकाव्य से है समृद्ध

    संवाद सूत्र, मधेपुरा : जिला मुख्यालय स्थित वेद व्यास महाविद्यालय परिसर में महर्षि वेद व्यास की जयंती समारोह का आयोजन किया गया। समारोह का आरंभ उद्घाटनकर्ता, मुख्य अतिथि तथा विशिष्ट अतिथि द्वारा दीप प्रज्ज्वलन तथा वेद व्यास के चित्र पर पुष्पांजलि कर किया गया। इस दौरान अतिथियों का स्वागत प्राचार्य आलोक कुमार ने पाग व अंगवस्त्र देकर किया। संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति व्यास प्रणीत महाकाव्य के कारण समृद्ध है। महाभारत विश्व का सबसे बड़ा महाकाव्य है। गीता के द्वारा उन्होंने भगवान कृष्ण के उपदेश तथा उनके विराट व्यक्तिव का दिग्दर्शन कराया। उद्घाटनकर्ता विधायक प्रो. चंद्रशेखर ने कहा समाज तथा देश में समय समय पर महान विभूति ने अवतारित तथा जन्म लेकर देश को दिशा देने का काम किया है। महर्षि व्यास ज्ञान के बल पर संपूर्ण विश्व पर राज कर रहे हैं। समाज के जातीय जटिलता तथा अवस्थित दीवार को जब तक तोड़ी नहीं जाएगी। तब तक सही मायने में समाजवाद की परिकल्पना साकार नहीं होगा। मुख्य अतिथि पूर्व प्रति कुलपति डा. रामदेव प्रसाद ने कहा वेद व्यास अपनी रचनाओं से भारतीय संकृति को जो अवदान दिया, वह अनूठा और अविश्वरनीय है। महर्षि वेद व्यास कर्मवादी विद्वान शिक्षक और चितक थे। उनकी कृति गीता,महाभारत का ही एक अंग है जो कर्म, ज्ञान तथा उपासना का सार तत्व है। वैदिक साहित्य के सृजनकर्ता भी महर्षि वेद व्यास थे। इस अवसर पर विधायक चंद्रहास चौपाल ने कहा वेद और पुराण सनातन हिन्दू संस्कृति का मुख्य आधार है। सेवानिवृत प्रधानाध्यापक दुर्गानंद विश्वास ने कहा व्यक्ति की विशिष्ट कृति तथा कार्य हर काल खंडों में याद किया जाता है । वेद व्यास जी अपनी कृति से कालजयी है। भूपेंद्र नारायण यादव मधेपुरी ने कहा महर्षि वेद व्यास ज्ञानावतार है। राजद जिलाध्यक्ष जयकांत यादव ने कहा जयंती का उद्वेश्य समाज तथा लोगो को महान विभूति के व्यक्तित्व व कार्यों से अभिप्रेरित करना है। डा. सिद्धेश्वर कश्यप ने कहा मानवता,धर्म और राष्ट्रीयता के अधिष्ठाता है। कार्यक्रम के अध्यक्ष संस्थापक सचिव डा. रामचंद्र प्रसाद मंडल ने कहा वेद व्यास की कृति मानवता का महाविद्यालय अपने स्थापना के उद्देश्यों के साथ निरंतर अग्रसर है। कार्यक्रम अध्यक्ष संस्थापक सचिव डा. रामचंद्र प्रसाद मंडल ने कहा वेद व्यास संपूर्ण मानवता के सार तत्व है। महाविद्यालय अपनेआ स्थापना के उद्देश्य के साथ निरंतर अग्रसर है। मौके पर रामेश्वर मंडल, संत गंगा दास, डा. विनय कुमार चौधरी, डा. सीताराम शर्मा, डा. जगदीश नारायण प्रसाद, प्रो. प्रकाश मिश्रा, प्रो. राजेश मल्लाह,हरी साह, बाल कृष्ण यादव, प्रो. अंजना कुमारी, डा. रेनू कुमारी, चंदन कुमार, विजय कुमार, प्रो. अनंत कुमार, प्रो रजी, प्रो. फुलेश्वर पंडित,अहमद समेत महाविद्यालय के समस्त कर्मी मौजूद थे।

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