लखीसराय के किसानों की बल्ले-बल्ले, धनिया-मेथी की खेती पर सरकार दे रही ₹20000 की बंपर सब्सिडी
लखीसराय के किसान अब धान और गेहूं के बजाय क्लस्टर आधारित धनिया और मेथी की खेती करेंगे। इस योजना के ...और पढ़ें

धनिया-मेथी की खेती पर सरकार दे रही ₹20000 की बंपर सब्सिडी (AI Generated Image)
HighLights
लखीसराय में किसान अब धनिया और मेथी उगाएंगे।
50 हेक्टेयर में मसाला क्लस्टर खेती की जाएगी।
किसानों को प्रति हेक्टेयर ₹20,000 का अनुदान मिलेगा।
मुकेश कुमार, लखीसराय। जिले में धान और गेहूं की खेती करने वाले किसान अब पहली बार क्लस्टर आधारित धनिया और मेथी की खेती करेंगे। कम लागत में अधिक लाभ देने वाली इस योजना के तहत 50 हेक्टेयर में मसाला क्लस्टर तैयार किया जाएगा।
प्रति हेक्टेयर 50 हजार रुपये की लागत पर किसानों को 20 हजार रुपये तक का अनुदान मिलेगा। रैयत और बटाईदार, दोनों किसान योजना का लाभ ले सकेंगे। बड़हिया और हलसी प्रखंड की एक-एक पंचायत को क्लस्टर खेती के लिए चुना गया है। दोनों पंचायतों में 25-25 हेक्टेयर के क्लस्टर बनाए जाएंगे।
प्रत्येक क्लस्टर में अधिकतम 30 किसान खेती कर सकेंगे। किसानों को जिले की मिट्टी और जलवायु के अनुकूल उच्च गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध कराए जाएंगे। धनिया के लिए राजेंद्र धनिया और मेथी के लिए राजेंद्र क्रांति वैरायटी का बीज दिया जाएगा।
खुटहा पश्चिम और मोहद्दीनगर पंचायत में होगी खेती
बड़हिया प्रखंड की खुटहा पश्चिम और हलसी प्रखंड की मोहद्दीनगर पंचायत में इच्छुक किसान सामूहिक रूप से धनिया और मेथी उगाएंगे। जिले के पिपरिया, बड़हिया, हलसी और सूर्यगढ़ा सहित अन्य क्षेत्रों में पहले से मसालों की खेती होती रही है।
हालांकि, पहली बार इसे क्लस्टर स्तर पर बढ़ावा देने की योजना बनाई गई है। चालू वर्ष में योजना को जमीन पर उतारने की पहल शुरू हो गई है। योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को बिहार कृषि एप के माध्यम से आनलाइन आवेदन करना होगा।
राज्य सरकार का उद्देश्य मसाला फसलों का रकबा बढ़ाने के साथ उत्पादन और उत्पादकता में वृद्धि करना तथा किसानों की आमदनी बढ़ाना है। उद्यान विभाग के अनुसार, धनिया और मेथी की खेती को प्रोत्साहित करने के लिए किसानों को प्रति हेक्टेयर अधिकतम 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
बीज मसाला योजना के तहत क्लस्टर आधारित खेती कराई जाएगी। बड़हिया और हलसी प्रखंड की चयनित पंचायतों में 25-25 हेक्टेयर का लक्ष्य तय किया गया है। किसानों को बीज उपलब्ध कराया जा रहा है। योजना के तहत किसानों को अधिकतम 20 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर तक की आर्थिक सहायता भी मिलेगी। - राजीव रंजन, जिला उद्यान पदाधिकारी, लखीसराय
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