विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

आधुनिक खेती से बढ़ेगी किसानों की आमदनी, दलहन-तिलहन पर स्पेशल फोकस; सरकार दे रही 80% तक अनुदान

Published: Thu, 15 Oct 2026 03:58 PM (IST)

फुलवरिया, गोपालगंज में वसंतिक रबी महाभियान कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसमें आधुनिक और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।

आधुनिक खेती से बढ़ेगी किसानों की आमदनी, दलहन-तिलहन पर स्पेशल फोकस (AI Generated Image)

आधुनिक खेती से बढ़ेगी किसानों की आमदनी, दलहन-तिलहन पर स्पेशल फोकस (AI Generated Image)

HighLights

  1. आधुनिक व प्राकृतिक खेती से किसानों की आय बढ़ाने पर जोर।

  2. दलहन-तिलहन की खेती पर 80% सब्सिडी का प्रावधान।

  3. कृषि यंत्रों पर 40-80% अनुदान, किसानों को प्रशिक्षण।

संवाद सूत्र, फुलवरिया (गोपालगंज)। कृषि विभाग के तत्वावधान में गुरुवार को अंबेडकर भवन परिसर में वसंतिक रबी महाभियान कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

इसका उद्घाटन उप विकास आयुक्त गौरव कुमार, जिला कृषि पदाधिकारी ललन कुमार और युवा वैज्ञानिक डॉ. अनुपमा कुमारी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।

कार्यक्रम में आधुनिक तकनीक अपनाकर खेती को लाभकारी बनाने, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और दलहन-तिलहन की खेती का दायरा बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।

80 प्रतिशत अनुदान

डीएओ ललन कुमार ने कहा कि जिला खाद्यान्न उत्पादन में पहले से आत्मनिर्भर है, लेकिन दलहन एवं तिलहनी फसलों का उत्पादन बढ़ाना जरूरी है। इसके लिए आत्मनिर्भर दलहन योजना के तहत चना, मसूर और मटर के बीज पर 80 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है।

किसानों को इसका लाभ उठाकर इन फसलों की खेती के प्रति आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि लगातार रासायनिक उर्वरकों के प्रयोग से मिट्टी की उर्वरा शक्ति प्रभावित होती है।

इससे मृदा, जल और पर्यावरण को होने वाले नुकसान से बचने के लिए किसानों को संतुलित उर्वरक प्रयोग तथा परंपरागत और प्राकृतिक खेती के तरीकों की जानकारी देना जरूरी है।

इसके लिए कार्यक्रम में शामिल किसान सलाहकार से लेकर प्रखंड कृषि पदाधिकारी को किसानों तक पहुंच बनाने के लिए निर्देशित किया गया है।

कृषि यंत्रों पर 40 से 80 प्रतिशत तक अनुदान

कार्यक्रम में कृषि यंत्रीकरण योजना के तहत 86 प्रकार के आधुनिक कृषि यंत्रों पर 40 से 80 प्रतिशत तक अनुदान की जानकारी दी गई।

साथ ही डिजिटल कृषि सेवाओं के विस्तार, उर्वरक की कालाबाजारी पर निगरानी, उद्यान विकास और सिंचाई योजनाओं का लाभ किसानों तक पहुंचाने पर चर्चा हुई।

इस दौरान किसान सलाहकारों, कृषि समन्वयकों, प्रखंड तकनीकी प्रबंधकों, सहायक तकनीकी प्रबंधकों और प्रखंड कृषि पदाधिकारियों को कृषि योजनाओं के क्रियान्वयन तथा किसानों को जागरूक करने का प्रशिक्षण दिया गया।

कार्यक्रम में अग्रणी बैंक प्रबंधक विवेक कुमार, नाबार्ड के डीडीएम अमनदीप सहित पशुपालन, मत्स्य, गव्य विकास और अन्य विभागों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

यह भी पढ़ें- बिहार के किसान का कमाल, 1 एकड़ में 1100 क्विंटल गन्ना उगाकर रचा नया कीर्तिमान

यह भी पढ़ें- बिना रजिस्ट्रेशन नहीं बिकेगा धान: MSP 2441 रुपये तय, फिर भी गोपालगंज के किसानों में नहीं दिख रहा उत्साह