दलहन की खेती से बढ़ेगी किसानों की आय, समस्तीपुर में मसूर की खेती पर ₹12,000 प्रति क्विंटल मिलेगी सब्सिडी
समस्तीपुर में कृषि विभाग दलहन आत्मनिर्भरता मिशन के तहत मसूर, मूंग और उड़द की खेती को बढ़ावा दे रहा है। ...और पढ़ें

दलहन की खेती से बढ़ेगी किसानों की आय (एआई जेनरेटेड तस्वीर)
HighLights
दलहन आत्मनिर्भरता मिशन से समस्तीपुर में खेती को बढ़ावा।
किसानों को मसूर पर ₹12,000 प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि।
उन्नत बीज, प्रशिक्षण से दलहन उत्पादन और आय में वृद्धि।
जागरण संवाददाता, समस्तीपुर। जिले में दलहन उत्पादन को बढ़ावा देने और किसानों की आय में वृद्धि करने के उद्देश्य से कृषि विभाग ने पहल शुरू की है। दलहन में आत्मनिर्भरता मिशन योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में मसूर, मूंग और उड़द की खेती को प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके लिए किसानों को अनुदानित दर पर प्रमाणित बीज उपलब्ध कराने के साथ प्रोत्साहन राशि देने की व्यवस्था की गई है।
योजना के माध्यम से खरीफ, रबी और गरमा मौसम में विभिन्न दलहनी फसलों की खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। कृषि विभाग ने चालू वित्तीय वर्ष में जिले में मसूर की खेती के लिए 75 एकड़ का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके तहत किसानों के बीच 300 क्विंटल बीज वितरित करने की योजना है।
मसूर की खेती पर प्रति क्विंटल 12 हजार रुपये
मसूर की खेती करने वाले किसानों को प्रति क्विंटल 12 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि देने का प्रविधान किया गया है। वहीं, मूंग की खेती के लिए 500 क्विंटल और उड़द के लिए 175 क्विंटल बीज वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
केंद्र सरकार ने देश में दालों की मांग पूरी करने और आयात पर निर्भरता कम करने के उद्देश्य से दलहन आत्मनिर्भरता मिशन शुरू किया है। इसके तहत घरेलू उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
जिले में मसूर, मूंग और उड़द की खेती को प्रोत्साहन मिलने से किसानों को फसल विविधीकरण का अवसर मिलेगा। साथ ही दलहन उत्पादन में वृद्धि की दिशा में भी मदद मिलेगी। कृषि विभाग की इस पहल का उद्देश्य किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के साथ देश को दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाना है।
दलहन की खेती के लिए मिलेगा प्रोत्साहन
योजना के तहत दलहन की खेती करने वाले किसानों को प्रति हेक्टेयर छह हजार से 12 हजार रुपये तक प्रोत्साहन राशि देने की व्यवस्था है। इसके साथ ही किसानों को बेहतर उत्पादन वाले बीज उपलब्ध कराए जाएंगे।
कृषि विभाग की ओर से किसानों को दलहन की उन्नत खेती के प्रति जागरूक करने और आवश्यक प्रशिक्षण देने की भी पहल की जाएगी। इससे किसान वैज्ञानिक तरीके से खेती कर उत्पादन बढ़ा सकेंगे।
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