लखीसराय के किसानों की कमाई बढ़ाने की तैयारी, 50 हेक्टेयर में धनिया-मेथी की खेती, सरकार देगी 20 हजार अनुदान
लखीसराय के किसान अब पारंपरिक खेती छोड़ व्यावसायिक स्तर पर धनिया और मेथी की क्लस्टर आधारित खेती करेंगे। इस योजना ...और पढ़ें

धनिया और मेथी की क्लस्टर खेती के लिए चयनित खेत और किसान (AI Generated Image)
HighLights
लखीसराय में धनिया-मेथी की व्यावसायिक क्लस्टर खेती।
50 हेक्टेयर में मसाला क्लस्टर, ₹20,000 अनुदान प्रति हेक्टेयर।
'राजेंद्र धनिया' और 'राजेंद्र क्रांति' बीज उपलब्ध।
संवाद सहयोगी, लखीसराय। लखीसराय जिले में अब तक पारंपरिक रूप से धान और गेहूं की खेती करने वाले किसान अब पहली बार व्यावसायिक स्तर पर क्लस्टर आधारित धनिया और मेथी की खेती करेंगे।
कम लागत में किसानों को अधिक लाभ पहुँचाने के उद्देश्य से शुरू की जा रही इस विशेष योजना के तहत जिले में कुल 50 हेक्टेयर में मसाला क्लस्टर तैयार किया जाएगा। इस योजना के अंतर्गत प्रति हेक्टेयर 50 हजार रुपये की अनुमानित लागत पर किसानों को 20 हजार रुपये तक का सरकारी अनुदान (सब्सिडी) दिया जाएगा।
राहत की बात यह है कि योजना का लाभ भूमि के स्वामी (रैयत) और बटाईदार, दोनों श्रेणी के किसान समान रूप से ले सकेंगे। चालू वित्तीय वर्ष में ही योजना को धरातल पर उतारने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
खुटहा पश्चिम और मोहद्दीनगर पंचायत का हुआ चयन
योजना के प्रथम चरण में बड़हिया और हलसी प्रखंड की एक-एक पंचायत को क्लस्टर खेती के लिए चयनित किया गया है। बड़हिया प्रखंड की खुटहा पश्चिम और हलसी प्रखंड की मोहद्दीनगर पंचायत में 25-25 हेक्टेयर का क्लस्टर बनाया जाएगा। प्रत्येक क्लस्टर में अधिकतम 30 किसानों का समूह बनाकर खेती कराई जाएगी।
यद्यपि जिले के पिपरिया, बड़हिया, हलसी और सूर्यगढ़ा प्रखंडों में पहले से भी किसान मसालों की खेती करते रहे हैं, लेकिन क्लस्टर मॉडल पर इसे पहली बार संगठित रूप दिया जा रहा है। योजना का लाभ उठाने के लिए इच्छुक किसानों को बिहार कृषि ऐप (Bihar Krishi App) के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करना होगा।
मिलेंगे 'राजेंद्र धनिया' और 'राजेंद्र क्रांति' किस्म के बीज
उद्यान विभाग द्वारा जिले की मिट्टी और जलवायु के पूरी तरह अनुकूल उच्च गुणवत्ता वाले उन्नत बीज किसानों को उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसमें धनिया की खेती के लिए 'राजेंद्र धनिया' और मेथी की खेती के लिए 'राजेंद्र क्रांति' वैरायटी का बीज दिया जाएगा। राज्य सरकार का मुख्य लक्ष्य मसाला फसलों का रकबा बढ़ाने के साथ-साथ उत्पादन, उत्पादकता और किसानों की शुद्ध आय में वृद्धि करना है।
"बीज मसाला योजना के तहत जिले में पहली बार क्लस्टर आधारित खेती कराई जा रही है। बड़हिया और हलसी प्रखंड की चयनित पंचायतों में 25-25 हेक्टेयर का लक्ष्य तय किया गया है। किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं। योजना के तहत किसानों को अधिकतम 20 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर तक की आर्थिक सहायता (अनुदान) भी मिलेगी।"
