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    Lakhisarai News: किऊल नदी में तीन बच्चियों की डूबकर मौत, एक की बची जान; तीनों के शव बरामद

    By Ajay Kumar ajayEdited By: Prateek Jain
    Updated: Tue, 29 Aug 2023 07:03 PM (IST)

    किऊल नदी से बेतरतीब तरीके से बालू का खनन करके ठेकेदार द्वारा बनाए गए मौत के कुएं में मंगलवार की दोपहर तीन बच्चियां एक साथ डूब गई और उनकी मौत हो गई जबकि एक ने किसी तरह अपनी जान बचाई उसकी सूचना पर ही लोगों को घटना की जानकारी मिली। घटना चानन थाना क्षेत्र अंतर्गत किऊल नदी के मलिया घाट पर घटी।

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    किऊल नदी के मलिया घाट पर ग्रामीणों से जानकारी लेती थानाध्यक्ष रुबीकांत कच्छप (बीच में) - फोटो जागरण

    संवाद सूत्र, चानन (लखीसराय): किऊल नदी से बेतरतीब तरीके से बालू का खनन करके ठेकेदार द्वारा बनाए गए मौत के कुएं में मंगलवार की दोपहर तीन बच्चियां एक साथ डूब गई और उनकी मौत हो गई, जबकि एक ने किसी तरह अपनी जान बचाई; उसकी सूचना पर ही लोगों को घटना की जानकारी मिली।

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    घटना चानन थाना क्षेत्र अंतर्गत किऊल नदी के मलिया घाट पर घटी। मृतकों की पहचान मलिया गांव निवासी वाल्मिकी यादव की पुत्री ज्योति (12), धोबी यादव की पुत्री छोटी कुमारी (10) एवं तेतरहट थाना क्षेत्र के खैरमा गांव निवासी प्रभु यादव की पुत्री छोटी कुमारी (10) के रूप में हुई है।

    कुएं में इन दिनों जमा है पानी

    प्रभु यादव की पुत्री छोटी कुमारी अपने नानी घर में रह रही थी, जबकि कैलाश यादव के पुत्री शुभम कुमारी बाल-बाल बच गई। जानकारी के अनुसार, तीनों बच्चियां अन्य पशुपालकों के साथ बकरी चराने किऊल नदी के मलिया घाट की तरफ गई हुई थी।

    मलिया बालू घाट पर बंदोबस्त एजेंसी ने पूर्व में बालू का बेतरतीब तरीके से खनन कर रखा था। इस कारण वहां धरातल से 20 से 30 फीट की गहराई में कुआं बन गया है। इन दिनों में उसमें पानी जमा है।

    ग्रामीणों का कहना है कि बकरी को ले जाने के क्रम में बालू धंस जाने पर पैर फिसल जाने के कारण एक साथ तीन बच्चियां गहराई में चली गई और पानी में डूब गई।

    कुछ लोगों ने बताया कि बकरी चराने के दौरान बच्चियां नदी में नहाने के क्रम में अवैध खनन वाले बड़े गड्ढे में चली गईं और डूब गईं।

    ग्रामीणों ने द‍िखाया आकोश

    संयोग से चौथी लड़की छोटी कुमारी बचकर भाग निकली और गांव में जाकर जानकारी दी। इसके बाद लोगों ने पहुंचकर काफी मशक्कत के बाद तीनों शवों को पानी से निकाला।

    घटना के बाद स्वजन और ग्रामीणों ने बालू ठेकेदार सकलदेव बिंद के खिलाफ आक्रोश दिखाया। कहा कि बार-बार शिकायत के बाद भी बालू उठाव की तिथि समाप्त होने के बाद भी खनन विभाग की मेल से नदी घाट को नियमानुसार समतल नहीं किया।

    स्वजन एवं ग्रामीण ठेकेदार के खिलाफ केस दर्ज करने के बाद ही शव उठाने देने की बात पर अड़ गए। हालांकि, चानन थानाध्यक्ष रुबीकांत कच्छप एवं सीओ दिलीप कुमार ने सूझबूझ से शव को पोस्टमार्टम के लिए लखीसराय भेजा।

    थानाध्यक्ष ने बताया कि पीड़ित स्वजन के आवेदन के आलोक में कार्रवाई होगी। सीओ ने बताया कि नियम के तहत मृतक के स्वजन को चार-चार लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। उधर, घटना के बाद गांव में मातम पसर गया है।