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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 10, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Lakhisarai News: प्रतिबंध के बाद भी किऊल नदी में जारी है बालू का अवैध खनन, सेटिंग सिस्टम ने बढ़ाई परेशानी

Published: Thu, 10 Jul 2025 02:46 PM (IST)

लखीसराय में किऊल नदी के घाटों पर बालू उठाने पर प्रतिबंध के बावजूद सेटिंग सिस्टम से अवैध कारोबार जारी है। ...और पढ़ें

सेटिंग सिस्टम के दम पर किऊल नदी से अवैध बालू का खेल
सेटिंग सिस्टम के दम पर किऊल नदी से अवैध बालू का खेल

HighLights

  1. किऊल नदी में अवैध बालू खनन जारी
  2. सेटिंग सिस्टम से हो रहा अवैध कारोबार
  3. महंगे दामों पर बालू बेच रहे डिपो मालिक

संसू, रामगढ़ चौक (लखीसराय)। किऊल नदी के घाटों पर बालू का उठाव भले ही 15 जून से प्रतिबंधित हो, लेकिन सेटिंग सिस्टम के दम पर अवैध कारोबार बेखौफ जारी है। तेतरहाट और रामगढ़ चौक थाना क्षेत्र में डिपो मालिकों, वाहन चालकों और पुलिस के बीच गहरी मिलीभगत ने आम जनता की कमर तोड़ दी है।

बालू की कीमतें आसमान छू रही हैं और इस पूरी सेटिंग का खामियाजा लोगों को 5,500 से 6,000 रुपये प्रति ट्रैक्टर के रूप में भुगतना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने बताया कि जिन वाहन मालिकों की पुलिस से सेटिंग होती है, वे एक ही डिपो चालान पर दिनभर घाटों से बालू निकालते हैं और आसानी से बचकर निकल जाते हैं।

वहीं, जो वाहन मालिक पुलिस को मैनेज नहीं कर पाते, उनके ट्रैक्टरों को जब्त कर लिया जाता है और फिर दिखावे के लिए कार्रवाई कर दी जाती है। रामगढ़ चौक के मनोज यादव और सतीश यादव ने बताया कि पिछले वर्ष बालू 2,000 से 3,000 रुपये प्रति ट्रैक्टर मिल जाता था, लेकिन इस साल अवैध कारोबार के चलते यह 4,000 रुपये प्रति ट्रैक्टर तक पहुंच गया है।

लाइसेंसी डिपो से बालू लेने पर 5,500 से 6,000 रुपये प्रति ट्रैक्टर की दर वसूली जा रही है। स्थानीय लोग आरोप लगा रहे हैं कि पुलिस और डिपो मालिकों की इस सिस्टम सेटिंग ने बाजार में बालू की किल्लत का झूठा माहौल बना दिया है, ताकि अवैध बालू ऊंचे दामों में बेचा जा सके।

लोगों का कहना है कि प्रशासन अगर सच में कार्रवाई करे तो आम जनता को बड़ी राहत मिल सकती है, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। लखीसराय एवं जमुई के घाटों से अवैध बालू लेकर ट्रैक्टर, तेतरहाट, हलसी एवं रामगढ़ थाना क्षेत्र के रास्ते निकल रहा है।