प्रवासी मजदूरों को नहीं मिल रहा दुर्घटना का लाभ
लखीसराय। राज्य से बाहर मेहनत मजदूरी करने वाले प्रवासी मजदूरों को दुर्घटना पर दिए जाने वाले अनुदान यो
लखीसराय। राज्य से बाहर मेहनत मजदूरी करने वाले प्रवासी मजदूरों को दुर्घटना पर दिए जाने वाले अनुदान योजना का लाभ जानकारी के अभाव में नहीं मिल रहा है। सरकार द्वारा वर्ष 2008 में राज्य से बाहर काम करने वाले लोगों के हित के लिए बिहार राज्य प्रवासी मजदूर दुर्घटना अनुदान योजना को लागू किया था। योजना के सात वर्ष से अधिक बीत जाने के बाद भी अब तक मात्र श्रम विभाग को दो आवेदन प्राप्त हुए। जिसमें एकमात्र प्रवासी मजदूर को दुर्घटना में निधन होने पर एक लाख रुपये का लाभ दिया गया। बताया जाता है कि दूसरे राज्यों में काम करने करने के दौरान दुर्घटना या घटना होने पर जानकारी के अभाव में योजना में दावा नहीं किया जाता है जिसके कारण इसका लाभ मजदूरों या उनके परिजनों को नहीं मिल पाता है।
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क्या है प्रवासी मजदूर दुर्घटना अनुदान योजना
राज्य निवासी दूसरे राज्यों में कार्य करने वाले असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए यह योजना है। योजना के तहत मजदूरी या किसी कार्य के दौरान दूसरे राज्यों में निधन होने पर मजदूर के परिजन को अनुदान राशि के रूप में एक लाख रुपये देने का प्रावधान है। इसके अलावा पूर्ण दिव्यांगता पर 75 हजार रुपये एवं आंशिक दिव्यांगता पर 37.5 हजार रुपये देने का प्रावधान है।
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योजना का लाभ लेने का नियम
दुर्घटना के शिकार प्रवासी मजदूरों के परिजनों द्वारा दावा पत्र प्रपत्र दो में प्रखंड विकास पदाधिकारी, श्रम अधीक्षक या डीएम के कार्यालय में दायर किया जा सकता है। घटना के संबंध में प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा। इसके बाद जांच के बाद श्रम विभाग से अनुदान की राशि दी जाएगी।
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क्या कहते हैं अधिकारी
लखीसराय के श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी राजेश कुमार ¨सह ने बताया कि योजना के तहत अब तक मात्र दो आवेदन प्राप्त हुए जिसमें एक को स्वीकृत के बाद जांपोपरांत राशि का भुगतान किया गया। योग्य नहीं रहने के कारण दूसरा आवेदन रद कर दिया गया। उन्होंने बताया कि प्रवासी मजदूरों के साथ किसी प्रकार की घटना दुर्घटना पर उसे या उसके परिजनों को आर्थिक सहायता प्रदान करने का बेहतर योजना है।
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