यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 08, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
बिहार : हादसे का शिकार होने से बची राजधानी एक्सप्रेस
ग्रामीण की समझदारी से बड़ा रेल हादसा होते-होते टल गया। ग्रामीण ने रेल पटरी टूटी की सूचना दी जिससे उससे होकर गुजरने वाली राजधानी एक्सप्रेस दुर्घटना ग्रस्त होने से बची।

पटना [जेएनएन]। बरौनी- कटिहार रेलखंड पर ठाठा-बख्तियारपुर के समीप डाउन लाइन की पटरी क्रेक कर गई। इससे 1666 डाउन राजधानी एक्सप्रेस गेट संख्या 27 बी के पास आधे घंटे तक रूकी रही। पटरी दुरुस्त करने बाद परिचालन आरंभ हुआ।
एक ग्रामीण की समझदारी के चलते बुधवार को बड़ा रेल हादसा टल गया। घटना बिहार के खगड़िया जिले के मानसी प्रखंड के बख्तियारपुर गांव की है। किसी काम से घर से निकले एलआईसी एजेंट सुशील कुमार सिंह ने देखा कि ट्रेन की पटरी टूटी हुई है।
वह जानते थे कि सुबह 7-8 के बीच इस रूट से राजधानी ट्रेन गुजरती है। तेज रफ्तार राजधानी अगर टूटी पटरी से गुजरती तो बड़ा हादसा हो सकता था।
सुशील कुमार ने पटरी टूटी होने की सूचना मानसी प्रखंड के प्रमुख बलवीर चांद को दी। बलवीर मानसी स्टेशन के पास ही रहते हैं। उन्होंने मानसी स्टेशन के आरपीएफ पोस्ट के फोन नंबर पर कॉल किया तो किसी ने जवाब नहीं दिया।
इसके बाद चांद दौड़कर आरपीएफ पोस्ट पहुंचे और वहां मौजूद जवानों को पटरी टूटी होने की सूचना दी। तब तक राजधानी ट्रेन बख्तियारपुर गांव के पास आ चुकी थी।
आरपीएफ ने यह सूचना सीनियर ऑफिसर को दी और रेलवे अधिकारी एक्शन में आ गए। लोको पायलट को फोन कर राजधानी ट्रेन को बख्तियारपुर गांव के पास रुकवाया गया। रेलवे के पीडब्ल्यूआई और आरपीएफ के इंस्पेक्टर ने पटरी का जायजा लिया।
इसके बाद जुगल प्लेट लगाकर ट्रेन को रवाना किया गया। इस दौरान लगभग 45 मिनट तक 13236 डाउन दिल्ली-डिब्रूगढ़ राजधानी एक्सप्रेस रुकी रही।
