Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    प्रभारी डीएम ने किया अवर निबंधन कार्यालय का निरीक्षण

    By JagranEdited By:
    Updated: Wed, 03 Mar 2021 11:12 PM (IST)

    खगड़िया । अवर निबंधन कार्यालय गोगरी का प्रभारी डीएम शत्रुंजय मिश्रा ने बुधवार को औचक निरीक्ष्

    Hero Image
    प्रभारी डीएम ने किया अवर निबंधन कार्यालय का निरीक्षण

    खगड़िया । अवर निबंधन कार्यालय गोगरी का प्रभारी डीएम शत्रुंजय मिश्रा ने बुधवार को औचक निरीक्षण किया। उन्होंने अवर निबंधन कार्यालय के कर्मियों के लिए बने रहे आवासीय मकान का भी जायजा लिया।

    इस दौरान उन्होंने 66 लाख 88 हजार एक सौ 29 रुपये की लागत से बन रहे भवन व घेराबंदी का मुआयना किया। निबंधन पदाधिकारी को रजिस्ट्री में तेजी व राजस्व बढ़ाने को लेकर आवश्यक निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने आरटीपीएस पंजी, निबंधन पंजी आदि का अवलोकन किया। साथ ही अवर निबंधक पदाधिकारी अजय कुमार झा को कई आवश्यक निर्देश दिए। इस दौरान बाहर खड़े लोगों से भी जानकारी ली। उन्हें लोगों से पूछा कि इस कार्यालय में आने के बाद उनका कार्य सही रूप से होता है या नहीं। दौड़ाया भी जाता है। लेकिन मौजूद लोगों ने किसी प्रकार की कोई शिकायत नहीं की। इस मौके पर जिला निबंधक पदाधिकारी डॉ. यशपाल, अनुमंडल पदाधिकारी सुभाषचंद्र मंडल, अंचलाधिकारी कुमार रविद्रनाथ, कातिव संघ के सचिव विपिन कुमार सिन्हा, धर्मेंद्र कुमार, विनोद झा, सुनील कुमार रंजन, संजीव कुमार निराला आदि मौजूद थे। दूसरे की रक्षा करने वाली पुलिस खुद असुरक्षित

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    संवाद सूत्र, परबत्ता (खगड़िया) : कई थाना और ओपी के पास पुलिस बैरक नहीं है। जिससे पुलिस कर्मियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। परबत्ता थाना, मड़ैया ओपी, पसराहा थाना में पुलिस बैरक की सुविधा नहीं है। कुछ जगहों पर तो काफी पुराना जर्जर बैरक है। पसराहा पुलिस के लिए समुचित आवास की सुविधा नहीं है। यहां खपरैल के चार कमरे हैं। एक में थानाध्यक्ष, दूसरे में अन्य पुलिस पदाधिकारी रहते हैं जबकि दो अन्य कमरे में पुलिस बल रहते हैं। इसका उपयोग पुलिस बैरक के रूप में किया जाता है। यह खपरैल भवन जर्जरता की सीमा को पार कर चुकी है। यहां दूसरे की सुरक्षा करने वाला पुलिस स्वयं असुरक्षित है। पसराहा

    थाना अध्यक्ष अमलेश कुमार ने कहा कि पुलिस बैरक की स्थिति दयनीय है। उच्च अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराया गया है।