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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 02, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

'चिराग ने अपने चाचा को बदनाम करने के लिए...', पासवान फैमिली की 'महाभारत' पर ये क्या बोल गए LJP नेता

Published: Wed, 02 Apr 2025 04:04 PM (IST)

चिराग पासवान और पशुपति पारस के बीच पारिवारिक विवाद ने राजनीतिक रूप ले लिया है। राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी के ...और पढ़ें

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान और लोजपा नेता पशुपति पारस। फाइल फोटो
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान और लोजपा नेता पशुपति पारस। फाइल फोटो

HighLights

  1. चिराग पासवान की बड़ी मां ने पारिवारिक विवाद को लेकर एफआईआर दर्ज कराई।
  2. श्रवण अग्रवाल ने चिराग पर आरोप लगाया कि उन्होंने जानबूझकर पारिवारिक मामले को राजनीतिक रंग दिया।
  3. श्रवण अग्रवाल बोले, 14 अप्रैल को बिहार से 50,000 पासवान समाज के लोग पटना पहुंचेगें।

जागरण संवाददाता, खगड़िया। केंद्रीय मंत्री और लोजपा (रामविलास) सुप्रीमो चिराग पासवान की बड़ी मां राज कुमारी देवी ने अपनी देवरानी शोभा देवी और सुनैना देवी समेत अन्य के खिलाफ अलौली थाना में आवेदन दिया है। इस पर एफआईआर दर्ज हो गई है। इसके बाद से लोजपा (रामविलास) और राष्ट्रीय लोजपा में तलवारें खिंच गई हैं। पारिवारिक विवाद ने राजनीतिक रूप ले लिया है।

राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्रवण अग्रवाल ने मंगलवार को खगड़िया में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान पर जमकर निशाना साधा।

राज कुमारी देवी ने राष्ट्रीय लोजपा के सुप्रीमो पशुपति पारस की पत्नी शोभा देवी और स्व. रामचंद्र पासवान की पत्नी सुनैना देवी पर शहरबन्नी स्थित घर में ताला जड़ने, घर का समान फेंक देने आदि का आरोप लगाया है।

पारस गुट के प्रवक्ता श्रवण अग्रवाल ने बुधवार को जवाब देते हुए कहा है कि क्या दो महिलाएं घर का सारा सामान फेंक सकती हैं। जब दोनों शहरबन्नी से खगड़िया जाने लगी, तो राज कुमारी देवी दोनों को गाड़ी तक छोड़ने आईं। कहा कि ऊपर वाले घर में आपलोगों का ही सामान है। ताला लगा दीजिए।

संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते राष्ट्रीय लोजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्रवण अग्रवाल। जागरण

'पारिवारिक मामले को राजनीतिक रंग दिया...'

श्रवण अग्रवाल ने कहा कि पारिवारिक मामले को अनावश्यक रूप से राजनीतिक रंग दिया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पशुपति पारस को अगर अपनी संपत्ति भी राज कुमारी देवी को देनी पड़े, तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं होगी।  उन्होंने चिराग पासवान पर आरोप लगाया कि उन्होंने अपने चाचा को बदनाम करने के लिए जान-बूझकर पुलिस को घर में भेजा।

उन्होंने कहा, जो पुलिस पहले रामविलास पासवान, रामचंद्र पासवान और पशुपति पारस की सुरक्षा में तैनात रहती थी, वही पुलिस अब चिराग पासवान के इशारे पर उनके घर में जबरदस्ती प्रवेश कराई जा रही है। उन्होंने चिराग पासवान पर लोकसभा चुनाव में टिकट बेचने का भी आरोप लगाया है। श्रवण अग्रवाल ने खगड़िया सांसद राजेश वर्मा पर भी निशाना साधा।

'दिल्ली और पटना से गुंडों को लाने की क्या जरूरत?'

उन्होंने सवाल उठाया कि इस पारिवारिक विवाद में दिल्ली और पटना से गुंडों को लाने की क्या जरूरत थी? चिराग पासवान पशुपति पारस के खिलाफ साजिश रच रहे हैं। हम स्व. रामविलास पासवान को कई हिस्सों में बांटना नहीं चाहते, बल्कि उनके सम्मान को बरकरार रखना चाहते हैं।

'कभी नीतीश को जेल भेजने की बात करते थे, लेकिन अब...'

श्रवण अग्रवाल ने घोषणा की कि 14 अप्रैल को पूरे बिहार से 50,000 पासवान समाज के लोग पटना पहुंचेंगे। चिराग पासवान इस कार्यक्रम को विफल करने के लिए इस विवाद को हवा दे रहे हैं।

श्रवण अग्रवाल ने चिराग पासवान के पूर्व बयानों की याद दिलाते हुए कहा कि चिराग पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ नारे लगाते थे, उन्हें जेल भेजने की बात करते थे, लेकिन अब वह उनके साथ खड़े हैं।

'चिराग पासवान को अपने चाचा से...'

उन्होंने कहा, चिराग पासवान ने पहले कहा था कि जब उनकी सरकार बनेगी तो सात निश्चय योजना की जांच कराएंगे, लेकिन अब वे चुप हैं।  पारिवारिक मामला होते हुए भी इसे राजनीतिक मुद्दा क्यों बनाया जा रहा है? चिराग पासवान को अपने चाचा से राजनीतिक तौर पर मुकाबला करना चाहिए, न की इस तरह के व्यक्तिगत हमले करने चाहिए।

इस मौके पर राष्ट्रीय लोजपा के जिलाध्यक्ष संजय यादव और दलित सेना के जिलाध्यक्ष बालकृष्ण पासवान भी मौजूद रहे।

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