Bihar Flood: डरा रही है गंगा और बूढ़ी गंडक का जलस्तर, घरों तक पहुंचा बाढ़ का पानी
खगड़िया में गंगा और बूढ़ी गंडक के जलस्तर में वृद्धि से बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है। वरुणा और बन्नी पंचायत के कई वार्डों में पानी घुस गया है जिससे लोग परेशान हैं। गंगा खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। प्रशासन द्वारा नावों का इंतजाम किया गया है और जल संसाधन विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य जारी हैं।

जागरण संवाददाता, खगड़िया। गंगा और बूढ़ी गंडक के बढ़ते जलस्तर के बीच बाढ़ का पानी फैलने लगा है। खगड़िया के खारा धार जलद्वार के पास गंगा खतरे के निशान से 52 सेंटीमीटर ऊपर है। जबकि खगड़िया एनएच-31 ब्रिज (अघोरी स्थान) के पास बूढ़ी गंडक खतरे के निशान से 32 सेंटीमीटर ऊपर है।
बढ़ते जलस्तर के बीच अब बाढ़ का पानी धीरे-धीरे बाढ़ प्रवण क्षेत्र के गांव-टोले में फैलने लगा है। मालूम हो कि, बीते कुछ दिनों पहले ही बाढ़ का पानी गांव-टोले से निकला था। अब एक बार फिर बाढ़ आने से लोगों के संकट बढ़ गए हैं।
खगड़िया के गोगरी प्रखंड अंतर्गत वरुना (बौरना) पंचायत की कुल तीन वार्डों में पानी प्रवेश कर गया है। यहां के वार्ड नंबर-चार, आठ और 10 में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। स्थानीय मुखिया प्रतिनिधि मु. नासिर इकबाल ने इसकी पुष्टि की है।
गांव को चारों ओर से बाढ़ का पानी घेर लिया है। वार्ड नंबर-10 के पंच मु. जुबैर ने बताया कि, 25-30 घर पूरी तरह से बाढ़ से घिर चुका है। यहां के लोगों ने नाव की मांग की है। स्थानीय मु. शहंशाह ने कहा कि, अगर जलस्तर इसी तरह से बढ़ा, तो कई घरों में शनिवार तक पानी प्रवेश कर जाएगा।
गोगरी प्रखंड के ही बन्नी पंचायत की वार्ड नंबर- पांच, छह, 17, 18, 19, 20, 21, 22, 23 में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। गोगरी नगर परिषद का शारदा नगर भी बाढ़ की चपेट में आ गया है।
इधर, नवल किशोर भारती, मुख्य अभियंता, बाढ़ नियंत्रण एवं जल निस्सरण, जल संसाधन विभाग समस्तीपुर ने कहा कि, गंगा बढ़ रही है। अभी बढ़ेगी। ऊपर में भी घटने का अभी ट्रेंड नहीं हैं। उत्तराखंड की वर्षा समेत पुनपुन, मुहाने, पंचानने सभी नदी का पानी गंगा में ही आता है। ये नदियां भी उफान पर हैं।
पानी बढ़ रहा है। बाढ़ को लेकर पूरी तैयारी है। फिलहाल दो नावें चलाई जा रही है। एक नाव बन्नी पंचायत में और एक गोगरी नगर परिषद के शारदा नगर में चलाई जा रही है। जरूरत पड़ने पर और जगहों पर नाव की व्यवस्था की जाएगी।- दीपक कुमार, सीओ, गोगरी अंचल।
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