कटिहार। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के दायरे में नहीं आने वाले राशनकार्ड से वंचित प्रवासी मजदूरों को आत्मनिर्भर भारत योजना के तहत मई और जून माह के लिए प्रति प्रवासी मजदूर पांच किलो चावल मुफ्त में उपलब्ध कराया जा रहा है।

दरअसल जिला स्तर पर दूसरे राज्यों से पहुंचे प्रवासी मजदूरों को सूचीबद्ध करने के साथ ही बिना राशनकार्ड वाले मजदूरों को चिह्नित किया जा रहा है, ताकि तैयार सूची के आधार पर मुख्यालय से जिलावार चावल का आवंटन किया जा सके।

इसके लिए भारतीय खाद्य निगम द्वारा राज्य के लिए 42225.848 मिट्रिक टन चावल का आवंटन किया गया है। 20 मई तक बिना कार्डधारी प्रवासी श्रमिकों की संख्या के आधार पर जिलावार चावल का आवंटन किया जाएगा। यह आवंटन खाद्य सुरक्षा अधिनियम एवं प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत आवंटित खाद्यान्न के अतिरिक्त होगा। जिले को आवंटन प्राप्त होने के 30 दिनों के भीतर भारतीय खाद्य निगम के गोदाम से चावल का उठाव कर खाद्य सुरक्षा अधिनियम के दायरे में नहीं आने वाले प्रवासी मजदूरों के बीच वितरित करने का निर्देश दिया गया है। मई माह के लिए 31 मई तक तथा जून माह के लिए 15 जून तक उठाव कराने का निर्देश दिया गया है। जिले में राशनकार्डधारी लाभुकों की संख्या पांच लाख से अधिक है। श्रमिक स्पेशल ट्रेन से दिल्ली, मुंबई सहित अन्य राज्यों से अब तक 20 हजार से अधिक प्रवासी मजदूर पहुंच चुके हैं। प्रवासियों के आने का सिलसिला जारी है। अनुमान के मुताबिक 10 प्रतिशत प्रवासी मजदूर राशनकार्ड से वंचित हैं। हालांकि पूरी रिपोर्ट तैयार होने के बाद ही वंचित लोगों की सही संख्या का आकलन हो सकेगा।

एसएमएस से मिलेगी खाद्यान्न वितरण की सूचना

आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा पंचायतवार प्रवासी मजदूरों की सूची जिलावार एक्सल शीट पर उपलब्ध कराई जाएगी। बाहर से आए प्रवासी मजदूरों का डाटाबेस तैयार करने के दौरान आधार नंबर एवं परिवार के एक सदस्य का मोबाइल नंबर अंकित करना होगा। खाद्यान्न वितरण की सूचना संबंधित मोबाइल नंबर पर एसएमएस के माध्यम से मिलेगी। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग को भेजी जाने वाली सूची को राशनकार्ड के डाटाबेस से मिलान किया कराया जाएगा।

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