14 माह में ही मिथिलेश मिश्रा ने गढ़ दी डीएम की नई परिभाषा
कटिहार [प्रकाश वत्स]। डीएम मिथिलेश मिश्रा के तबादले की खबर से एकबारगी आम लोग भी सकते में
कटिहार [प्रकाश वत्स]। डीएम मिथिलेश मिश्रा के तबादले की खबर से एकबारगी आम लोग भी सकते में पड़ गए। महज 14 माह में ही सरकार द्वारा उनके तबादले का लिए गए निर्णय का कोई तत्कालिक कारण भी किसी को नजर नहीं आ रहा है। फिलहाल इन बातों से परे महज अपने छोटे से कार्यकाल में श्री मिश्रा ने डीएम पद की नई परिभाषा यहां जरुर गढ़ दी। खासकर आम जन के लिए भी जिस तरह उनकी सहज उपलब्धता रही, वह विरले ही कभी देखने को मिलता है। इतना ही नहीं शहर से लेकर गांव तक लोगों के बीच पहुंच उनके दर्द को जानने की उनकी भरसक कोशिश रही। इसी तरह छोटे-छोटे मामलों को लेकर अधिकारियों के दर की दौड़ लगाने की लोगों की विवशता पर ब्रेक के लिए भी उनके स्तर से कई ठोस कदम उठाए गए। ऐसे मामलों का ऑन द स्पॉट निष्पादन का उनका लगातार प्रयास रहा। इतना ही नहीं दिव्यांग से लेकर हर समस्याग्रस्त लोगों के बीच पहुंच उनके दर्द को जानने व उनके निवारण की कोशिश में वे जुटे रहे।
विकास के मामले में भी उनका प्रयास चतुर्दिक रहा। बहुआयामी विकास को रफ्तार देने की लगातार कोशिश रही। कला-संस्कृति, खेल व पर्यटन से लेकर हर विकास कार्यों को गति प्रदान करने में जुटे रहे। इसके अलावा स्वच्छता अभियान को लेकर उनके भागीरथ प्रयास का हर कोई मुरीद रहा। इसके लिए उन्होंने दो बार गांवों में पदयात्रा तक की। इसके अलावा खेल आदि आयोजन के जरिए भी लोगों को शौचालय निर्माण के लिए प्रेरित करते रहे। इसके फलाफल शौचालय निर्माण की रफ्तार भी यहां काफी तेज हुई।
हर स्तर के जनप्रतिनिधियों से समन्वय स्थापित कर सरकार के हर अभियान को सफलीभूत करने में भी वे लगातार सफल रहे। पंचायत स्तर पर भी योजनाओं के क्रियान्वयन की रफ्तार तेज हुई। इसी तरह सत्ता व विपक्ष के लोगों को भी वे हमेशा साथ लेकर चले। यही कारण रहा कि उनके कार्यकाल के दौरान भी विपक्ष द्वारा भी उनका कभी मुखर विरोध नहीं किया गया।
सियासी प्रतिद्वंद्विता तो नहीं बना स्थानांतरण का कारण
कटिहार: पदस्थापना के महज 14 माह बाद ही डीएम के स्थानांतरण को लेकर प्रशासनिक महकमों, सियासी गलियारों व आम लोगों के बीच भी तरह-तरह की चर्चा होती रही। कहा यह भी जा रहा है कि सत्तारूढ़ राजग गठबंधन के कुछ नेताओं के बीच आपसी प्रतिद्वंद्विता ही डीएम के स्थानांतरण का कारण बना है। जबकि कुछ माह पूर्व शहर में घटी तनाव की घटना व पटना से पहुंचे विशेष अधिकारियों की रिपोर्ट को इसकी वजह करार दिया जा रहा है। यद्यपि उक्त मामले में डीएम व एसपी के लगातार प्रयास से ही स्थिति नियंत्रित हो पाई थी।
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