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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 05, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कैमूर के दीपक ने यूपीएससी में सफलता हासिल कर जिले का बढ़ाया गौरव

By JagranEdited By:
Published: Wed, 05 Aug 2020 03:56 PM (IST)Updated: Wed, 05 Aug 2020 05:48 PM (IST)

कैमूर जब मन में चाहत हो जाए तो कोई लक्ष्य असंभव नहीं होता। चाहे उस लक्ष्य को पाने का रास्ता ि

कैमूर के दीपक ने यूपीएससी में सफलता हासिल कर जिले का बढ़ाया गौरव
कैमूर के दीपक ने यूपीएससी में सफलता हासिल कर जिले का बढ़ाया गौरव

कैमूर : जब मन में चाहत हो जाए तो कोई लक्ष्य असंभव नहीं होता। चाहे उस लक्ष्य को पाने का रास्ता कितना ही कठिन क्यों न हो। कुछ ऐसा ही कमाल जिले के सदर प्रखंड के भेकास गांव में रहने वाले एक मध्यम वर्गीय परिवार के युवा ने कर दिखाया है। उसने पहली बार में ही यूपीएससी में सफलता हासिल कर न सिर्फ अपने परिवार का सम्मान बढ़ाया है बल्कि कैमूर जिले का गौरव भी ऊंचा कर दिया है। बता दें कि कैमूर जिले के भेकास गांव निवासी सूचून प्रसाद के पुत्र दीपक को भी पहली बार में ही यूपीएससी में सफलता मिली है। इसके कारण उसके परिवार में काफी हर्ष है। यूपीएसपी की परीक्षा में दीपक को 769 रैंक मिला है। इसका पूरा श्रेय दीपक ने ईश्वर, गुरूजन तथा अपने माता-पिता को दिया है। दीपक ने बताया कि वो एक मध्यम वर्गीय परिवार से है। दीपक ने उदासी देवी से 2011 में मैट्रिक, 2013 में एसवीपी कॉलेज में इंटर, तथा 2016 में मगध यूनिवर्सिटी से इतिहास से ग्रेजुएशन किया। उन्होंने बताया कि उसके पिता नवादा में स्वास्थ्य प्रबंधक के पद पर कार्यरत हैं। उनसे ही शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़कर कुछ करने का सपना जगा। ग्रेजुएशन के पढ़ाई के बाद वो दिल्ली के मुखर्जी नगर गया। जहां से उसने सिविल सर्विसेज की पढ़ाई की शुरूआत की। इस दौरान उसने एनसीईआरटी तथा अन्य किताबों का अध्ययन किया। दीपक ने बताया कि उसका लगाव इतिहास बिषय से शुरू से ही रहा, जिससे के कारण उसने सिविल सर्विसेज की पढ़ाई इतिहास से ही की। बाद में सफलता भी हाथ लगी। दीपक ने जिले के युवाओं को संदेश दिया कि जरुरी नहीं की अंग्रेजी से ही परीक्षा पास किया जाए। हिदी से भी परीक्षा पास की जा सकती है। कड़ी तैयारी, लग्न तथा मेहनत से सब संभव है। उसने बताया कि रिजल्ट आने के बाद तक उसे पता नहीं था। फिर जब चेक किया तो पता चला। उसे यकीन नहीं हो रहा था कि उसने पहली बार में ही यूपीएससी की परीक्षा पास कर ली है।