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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 02, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Bihar Jamin Parimarjan: भूमि का परिमार्जन कराने में किसानों के छूट रहे पसीने, अंचल कार्यालय की लगा रहे दौड़

Published: Tue, 02 Apr 2024 05:26 PM (IST)

किसान महेंद्र गोंड विउरी के नंद किशोर सिंह पवरा के विनय सिंह ने कहा कि भूमि को ऑनलाइन कराते समय ...और पढ़ें

भूमि का परिमार्जन कराने में किसानों के छूट रहे पसीने, अंचल कार्यालय की लगा रहे दौड़
भूमि का परिमार्जन कराने में किसानों के छूट रहे पसीने, अंचल कार्यालय की लगा रहे दौड़

संवाद सूत्र, चांद (कैमूर)। अपनी भूमि का खाता प्लॉट एवं रकबा शुद्ध कराने के लिए किसानों को परिमार्जन करवाना पड़ता है, जिसमें उसके पसीने छूट रहे हैं। इस समस्या को दूर करने के लिए अमित रंजन कुमार उपाध्यक्ष भारतीय किसान यूनियन कैमूर ने अनुमंडल पदाधिकारी से समाधान की मांग की है।

अंचल कार्यालय के कर्मी एवं राजस्व कर्मचारियों की लापरवाही से किसानों को परेशान होना पड़ रहा है। उन्हें कई दिनों तक अंचल कार्यालय की दौड़ लगानी पड़ रही है। किसान महेंद्र गोंड, विउरी के नंद किशोर सिंह पवरा के विनय सिंह ने कहा कि भूमि को ऑनलाइन कराते समय राजस्व कर्मचारी के द्वारा कई प्लॉट छोड़ दिए गए।

शुद्ध नहीं हो पा रही जमाबंदी

उन्होंने कहा कि ऑनलाइन भूमि को शुद्ध करने के लिए परिमार्जन कराया गया। किसानों ने कहा कि अभिलेख तैयार होने के बाद भी भूमि सुधार उप समाहर्ता कार्यालय में नहीं भेजा जा रहा है। जिसके चलते किसानों की जमाबंदी शुद्ध नहीं हो पा रहा है।

जमाबंदी शुद्ध नहीं होने से बिक्री एवं बंटवारा सहित भूमि संबंधित सभी कार्य बाधित हैं। अंचलाधिकारी सतीश कुमार गुप्ता से कहने के बाद भी किसानों की समस्या दूर नहीं हो रही है।

इस संबंध में अमित रंजन सिंह ने कहा कि किसानों की समस्या की जानकारी अनुमंडल पदाधिकारी को दे दी गई है। इस संबंध में अनुमंडल पदाधिकारी विजय कुमार ने कहा कि किसानों की परिमार्जन संबंधित समस्या दूर करने के लिए अंचलाधिकारी को निर्देश दिया गया है।

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