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    बिहार में मुहर्रम से पहले दंगा भड़काने की साजिश, झंडा उखाड़कर जलाने का प्रयास; गांव में पुलिस तैनात

    Updated: Mon, 30 Jun 2025 03:33 PM (IST)

    जमुई के मड़वा गांव में मुहर्रम के झंडे को शरारती तत्वों ने उखाड़कर जलाने की कोशिश की जिससे तनाव फैल गया। एसडीपीओ सतीश सुमन ने मौके पर पहुंचकर शांति कायम की और शरारती तत्वों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया। ग्रामीणों ने दोषियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

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    घटनास्थल पर जुटी लोगों की भीड़। (जागरण)

    संवाद सहयोगी, जमुई। टाउन थाना क्षेत्र के मड़वा गांव में रविवार और सोमवार की मध्य रात्रि शरारती तत्वों द्वारा मुहर्रम पर्व के निशान/ झंडा को उखाड़कर जलाने का प्रयास किया गया।

    घटना की जानकारी सोमवार की सुबह ग्रामीणों को हुई। उसके बाद पूरे गांव में तनाव उत्पन्न हो गया। ग्रामीणों की भीड़ घटनास्थल पर उमड़ पड़ी।

    माहौल ज्यादा बिगड़ता इससे पहले सुबह 9:00 बजे एसडीपीओ सतीश सुमन और टाउन थानाध्यक्ष अमरेंद्र कुमार दलबल के साथ मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों के बीच उत्पन्न तनाव को खत्म कर शांति व्यवस्था कायम की।

    इस दौरान शरारती तत्वों की पहचान कर कार्रवाई का आश्वासन दिया। साथ ही आपसी सौहार्द बिगड़े नहीं इसके लिए घटनास्थल पर पुलिस पदाधिकारी व जवानों को तैनात किया गया है।

    बताया जाता है कि रविवार और सोमवार की मध्य रात्रि शरारती तत्वों के द्वारा अगामी मोहर्रम पर्व को लेकर लगाए गए दो निशान यानी झंडा को शरारती तत्त्वों द्वारा उखाड़ दिया गया, फिर एक को फाड़ कर उसे जलाने का प्रयास किया गया और मड़वा मोड़ के पास लाकर एक दुकान के ऊपर फेंक दिया गया।

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    इस घटना को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है। शरारती तत्वों की भी पहचान कर ली गई है। फिलहाल आरोपितों के नाम को उजागर नहीं किया गया है। सभी शरारती तत्व सोनाय और अन्य गांव के रहने वाले बताए जाते हैं।

    पुलिस आरोपितों की तालाश में जुटी हुई है। मो. कलाम, मो. मनीर, मो. शमीम सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि घटनास्थल के पास हमेशा शरारती तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है और बदमाशी करता है। इसकी सूचना कुछ दिन पहले पुलिस को भी दी गई थी। उसी लोगों के द्वारा ऐसी ओछी हरकत की गई है।

    दो वर्ष पूर्व चलाई गई थी गोली

    ग्रामीणों ने बताया कि पड़ोसी गांव के कुछ उदंड शरारती तत्व हैं, जो हमेशा माहौल को बिगड़ने का प्रयास करते हैं। दो वर्ष पूर्व भी मोहर्रम पर्व के अखाड़ा के दौरान गोलीबारी की गई थी।

    उस वक्त भी पुलिस द्वारा कार्रवाई करते हुए दो से तीन शराती तत्वों को जेल भेजा गया था और इस बार फिर निशान यानी झंडे को उखाड़ कर धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाया गया है, जो गलत है। ग्रामीणों ने वैसे लोगों को चिन्हित कर संख्त से संख्त कार्रवाई करने की मांग की है।

    क्या कहते हैं मुखिया?

    पंचायत के मुखिया टिंकू पासवान ने बताया कि हमलोग वर्षों से आपसी भाईचारा के साथ रहते आ रहे हैं। इस तरह का कार्य कुछ शरारती तत्वों द्वारा किया गया है जो निंदनीय है।

    आपसी सौहार्द को बिगाड़ने की कोशिश की गई है। माहौल खराब कर शांति को भंग करने का प्रयास किया गया है, वैसे लोग समाज मे रहने लायक नहीं है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मांग किया है कि वैसे उपद्रवियों की शिनाख्त कर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए।

    शरारती तत्वों द्वारा मुहर्रम के झंडे को उखाड़ने की सूचना मिली थी। घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया गया है। शरारती तत्वों की भी पहचान की जा रही है। आपसी सौहार्द को बिगाड़ने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल स्थिति सामान्य बनी हुई है। - सतीश सुमन, एसडीपीओ जमुई