चिराग पासवान ने प्रधान महासचिव को किया निकाल बाहर, LJPR की लंका लगाने से पहले मोतीउल्लाह के मंसूबों पर फिर पानी
Chirag Paswan Latest News: लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने जमुई के मु. मोतीउल्लाह को पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में प्रदेश प्रधान महासचिव पद से ...और पढ़ें

Chirag Paswan Latest News: चिराग पासवान ने लोजपा (आर) के प्रधान महासचिव को पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते निष्कासित कर दिया।
संवाद सहयोगी, जमुई। Chirag Paswan Latest News पार्टी विरोधी गतिविधियों और विरोधी दलों के साथ संपर्क में रहने के आरोप में लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने बड़ी कार्रवाई की है। पार्टी ने जमुई के मु. मोतीउल्लाह को प्रदेश प्रधान महासचिव पद से मुक्त करते हुए उनकी सदस्यता रद कर दी है। मामले में अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष सलीम साहिल ने पत्र जारी कर जानकारी दी। पत्र में उल्लेख है कि मु. मोतीउल्लाह द्वारा लगातार पार्टी की अनुशासनहीनता एवं विरोधी दलों के साथ संपर्क बनाए रखने की जानकारी प्राप्त हुई थी, जिसके आधार पर यह निर्णय लिया गया।
इस कार्रवाई से पार्टी के कार्यकर्ताओं में हलचल मच गई है। कई सदस्य इस निर्णय को सही बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे अचानक और कठोर कदम मान रहे हैं। गौरतलब है कि मु. मोतीउल्लाह लंबे समय से पार्टी से जुड़े हुए थे और पूर्व में लोजपा के जिलाध्यक्ष भी रह चुके हैं। उनका जुड़ाव स्व. रामविलास पासवान के समय से ही पार्टी के साथ रहा है।
महिला मुखिया और उसके पति दिन में इधर-उधर, रात में एक साथ
चकाई विधानसभा क्षेत्र में चुनावी तपिश मतदान की तिथि नजदीक आने के साथ ही लगातार बढ़ती जा रही है। 11 अक्टूबर को होने वाले मतदान को लेकर सभी दलों के कार्यकर्ता और समर्थक जी-जान से प्रचार प्रसार कर रहे हैं। इसी क्रम में इन दिनों एक पंचायत के मुखिया और एक पंचायत के मुखिया पति की जोड़ी की चर्चा चारों ओर है। दरअसल, मुखिया और मुखिया पति दोनों अलग-अलग उम्मीदवार के लिए प्रचार प्रसार कर रहे हैं।
दिन में यह लोग इधर-उधर अलग-अलग प्रचार करते हैं, लेकिन रात में झारखंड पहुंचते ही दोनों साथ हो जाते हैं। दोनों का प्रवास लंबे समय से रात में झारखंड में ही होता है। सुबह होते ही यह लोग अपने पंचायत में कूच करते हैं। दोनों का पंचायत झारखंड के सीमावर्ती एरिया से सटा हुआ है और दोनों पंचायत की सीमा भी एक-दूसरे को टच करती है। यही कारण है कि दोनों का दिल भी एक-दूसरे को हमेशा टच करता रहता है। दोनों दिन भर अपने-अपने पंचायत में अपने उम्मीदवार के लिए वोट मांगते हैं और शाम होते ही झारखंड प्रवास कर जाते हैं।
दिन भर की थकान को मिटाने के लिए वहां अपने-अपने स्तर से खास इंतजाम भी रहता है। फिर दोनों वहां अपना दुख-दर्द भी साझा करते हैं। मुखिया खेमे के ही एक समर्थक का कहना है कि भले ही दोनों अलग-अलग प्रचार प्रसार कर रहे हैं, लेकिन दोनों का दिल और आत्मा एक ही है। हालांकि, दोनों अपने-अपने उम्मीदवार के लिए बिल्कुल ईमानदारी से प्रचार कर रहे हैं। अब देखना है कि इस चुनाव में मुखिया पति का उम्मीदवार सफल होता है या मुखिया जी का उम्मीदवार सफल होता है। फिलहाल, दोनों की जोड़ी चर्चा में है।

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