स्कूल में ताला लगाकर संचालक फरार, 4 माह से अधर में लटकी 300 छात्रों की पढ़ाई; जानें क्या है पूरा मामला
जहानाबाद के सिकरिया में स्कूल बस से गिरकर एक बच्चे की दर्दनाक मौत हो गई। इस्फ अल्फ्रेड नोवल एकेडमी का छात्र बस के टूटे फर्श से गिरा था। घटना के बाद स्कूल संचालक फरार है जिससे 300 छात्रों का भविष्य खतरे में है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है वहीं अभिभावक बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं।

जागरण संवाददाता, जहानाबाद। शहर के सिकरिया इलाके में गुरुवार को स्कूल बस के टूटे फर्श से गिरकर पहिया के नीचे दबने से नर्सरी के एक छात्र पीयूष कुमार की मौत हो गई थी। वह इस्फ अल्फ्रेड नोवल एकेडमी स्कूल का छात्र था।
घटना के बाद स्कूल संचालक विद्यालय में ताला जड़कर फरार हो चुका है। स्कूल में 300 के करीब बच्चे नामांकित हैं , जिनकी आगे की पढ़ाई पर अब संकट छा गया है। स्कूल में नर्सरी से आठवीं तक की पढ़ाई होती थी।
स्कूल में ताला बंद होने से शुक्रवार को सभी नामांकित बच्चे अपने अपने घरों में ही रहे। स्कूल खुला है या नहीं यह देखने के लिए अभिभावक चक्कर लगाते रहे।
घटना को लेकर मृत बालक के दादा नंदू यादव के बयान पर स्कूल संचालक ,प्रिंसिपल व बस चालक पर सिकरिया थाने में मुकदमा किया गया है। इसको लेकर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
जांच के लिए शुक्रवार को पुलिस स्कूल पहुंची थी, लेकिन स्कूल बंद होने से पुलिस को बैरंग लौटना पड़ा। थाना अध्यक्ष शशिकांत झा ने बताया कि स्कूल संचालक घटना के बाद से फरार है। उसकी तलाश की जा रही है।
स्कूल से जुड़े शिक्षक व बच्चों के अभिभावकों से संपर्क साधकर संचालक व प्रिंसिपल का पता ठिकाना लिया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि स्कूल संचालक दक्षिण भारत का रहने वाला है। वह जहानाबाद में किसकी मदद और कब से स्कूल का संचालन कर रहा था, इसकी छानबीन की जा रही है।
जल्द ही उसका पता लगा लिया जाएगा। इधर, अभिभावक अपने बच्चों की पढ़ाई को लेकर चिंतित हैं। स्कूल कब खुलेगा या खुलेगा भी नहीं, यह चिंता अभिभावकों को खाए जा रही है। वर्ष 2025/ 26 सत्र की पढ़ाई के 4 माह बीत चुके हैं। स्कूल नहीं खुलने पर बच्चों का भविष्य अंधकार में पड़ जाएगा। अब दूसरे स्कूलों में बच्चों का नामांकन भी नहीं हो पाएगा।
शुक्रवार को मिले कुछ अभिभावकों ने बताया कि वह अब दूसरे स्कूलों के संपर्क में हैं । अगर उनके बच्चों का वहां नामांकन हो जाता है तो इसमें तनिक भी देर नहीं करेंगे। इसके लिए कई स्कूल संचालकों से संपर्क साधा गया है।
स्कूल में कडौना, सिकरिया, डंगरा मिल्की, खरोज, सेवनन, भेंवड सिकरिया आदि गांवों के बच्चे पढ़ते थे, जिन्हें फिलहाल घर बैठना पड़ रहा है। स्कूल में लगभग एक दर्जन शिक्षक तैनात थे, वे भी अब दूसरी जगह नौकरी तलाश रहे हैं।
गौर हो कि डंगरा मिल्की गांव निवासी अमर कुमार के पांच वर्षीय पुत्र पीयूष कुमार की मौत गुरुवार को स्कूल जाने के क्रम में बस के टूटे फर्श से नीचे गिरने से हो गई थी।
घटना के बाद आक्रोशित लोगों ने सिकरिया -भगवानगंज पथ को जाम कर प्रदर्शन किया था। पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के द्वारा स्कूल संचाल पर कार्रवाई का आश्वासन देने के पांच घंटे के बाद जाम हटा था।
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