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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 31, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Expressway: जहानाबाद में कहां-कहां से गुजरेगा एक्सप्रेसवे? 6 लेन सड़क से बदल जाएगी जिले की सूरत

By Dheeraj kumarEdited By: Mukul Kumar
Published: Tue, 31 Dec 2024 04:18 PM (IST)Updated: Tue, 31 Dec 2024 04:28 PM (IST)

बिहार में बनने वाला पहला एक्सप्रेस-वे जहानाबाद से होकर गुजरेगा। 38 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेस-वे जिले के विकास में महत्वपूर्ण ...और पढ़ें

प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर
प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर

HighLights

  1. मखदुमपुर, काको, घोसी व मोदनगंज प्रखंडों के दो दर्जन से ज्यादा गांवों के बहुरेंगे दिन
  2. मार्ग के पास घर निर्माण व दुकान के लिए इच्छुक होंगे लोग, आवागमन की बढ़ेगी सुविधा

जागरण संवाददाता, जहानाबाद। बिहार में अभी एक भी एक्सप्रेस-वे नहीं है। पहले एक्सप्रेस-वे का निर्माण चल रहा है, जिसकी लंबाई 189 किलोमीटर होगी, जो गया जिले के आमस से पटना के रामनगर होते हुए दरभंगा तक जाएगी। जहानाबाद जिले में इसका क्षेत्रफल 38 किलोमीटर में होगा।

छह लेन सड़क जिले के पूर्वी इलाके से होकर मखदुमपुर, काको, घोसी व मोदनगंज प्रखंडों के विभिन्न मौजों से होकर गुजरेगी। मखदुमपुर के 13, मोदनगंज के 12 और घोसी प्रखंड के तीन गांव इससे लाभान्वित होंगे।

घोसी इलाके के गोलकपुर से देहुनी, निमिया बिगहा होते हुए बेलई तक चार किमी में 60 मीटर चौड़ाई में सड़क के लिए मिट्टी भराई का काम लगभग पूरा हो चुका है। पक्कीकरण का कार्य भी साथ-साथ चल रहा है।

एक्सप्रेस-वे निर्माण से बिहार में पर्यटन उद्योग फल-फूलेगा। आसपास के क्षेत्र के लिए कई अवसर पैदा करेगा। मार्ग के पास घर निर्माण व कार्यालय खोलने के लिए लोग इच्छुक होंगे। आवागमन की सुविधा बढ़ेगी।

प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर लोगों को रोजगार मिलेगा। एक्सप्रेस-वे किनारे ढाबे का व्यापार रोजगार का प्रमुख साधन है। कृषि प्रधान इस इलाके में नगदी फसल की खेती को बढ़ावा मिलेगा। लोग सीधे अपने उत्पाद को एक्सप्रेसवे के माध्यम से उत्तरी बिहार के इलाके में पहुंचा सकेंगे।

वर्तमान में स्थानीय मंडी के माध्यम से उत्पाद दूसरे जगह भेजे जाते हैं, जिसमें बिचौलियों की भूमिका बढ़ जाती है। आवागमन की सुविधा हो जाने से बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो जाएगी और किसान सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे।

मखदुमपुर प्रखंड के सूपी निवासी राजेश कुमार शर्मा बताते हैं कि एक्सप्रेस-वे निर्माण के समय जमीन की कीमत डेढ़ लाख रुपए प्रति कट्ठा थी। अब पांच लाख रुपये कट्ठा है। जहां प्वाइंट निर्धारित होने की संभावना है वहां आठ लाख तक कीमत पहुंच गई है।

मुठेर पंचायत के मुखिया धीरज कुमार बताते हैं कि उम्मीद है कि इस इलाके में प्वाइंट होगा। इलाके के विकास में तेजी आएगी।

ओकरी पंचायत के मुखिया विभूति शर्मा बताते हैं कि मोदनगंज प्रखंड का इलाका आवागमन की दृष्टि से हमेशा से पिछड़ा रहा है। अब हमारे गांव के बगल से एक्सप्रेस-वे गुजरेगा। सभी लोग इससे लाभान्वित होंगे। उत्तरी बिहार तक आना-जाना सुगम हो जाएगा, रोजगार के भी नए-नए अवसर पैदा होंगे।

दो एनएच के बाद अब एक्सप्रेस-वे का निर्माण

  • सरकार की सोच है कि ग्रामीण इलाके से लोगों को बड़े शहर में आने जाने में कोई परेशानी नहीं हो। किसी कारण एक मार्ग अवरुद्ध है तो दूसरे मार्ग से लोग आ जा सकते हैं।
  • एक्सप्रेस-वे बन जाने से पटना जाना और आसान हो जाएगा। वर्तमान में पटना से गया जाने के दो मार्ग हैं। एक सड़क जहानाबाद होकर गुजरती है। दूसरी एकंगरसराय-इस्लामपुर होकर जाती है। अब तीसरी सड़क बन रही है।

किस प्रखंड के कौन-कौन गांव होंगे लाभान्वित

मखदुमपुर प्रखंड

बेरका, डकरा, कुकरी विगहा, चंदई, सोहजाना, छरियारी, जमालपुर, महेवा, कलानौर, सुमेरा रक्वी, सुनेरा, मलाठी, सुपी।

काको प्रखंड

बढ़ौना, लिलिया विगहा, मंसौरचक, महमदपुर, काजीसराय

घोसी प्रखंड

विशुनपुर,गोलकपुर,अहियासा

मोदनगंज प्रखंड

महमदपुर,करहरा,धामापुर,गंधार,किसरामपुर,हबलीपुर,चौरी,विशुनपुर ओकरी,जैतीपुर कुरुआ, मिल्की, देवरा, सदीपुर

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