बच्चों के शारीरिक, मानसिक व बौद्धिक विकास के आंकड़े होंगे दर्ज, आंगनबाड़ी कर्मियों को मिलेगी विशेष ट्रेनिंग
Bihar News जहानाबाद के सभी सात प्रखंडों के 1278 आंगनबाड़ी केंद्रों में नई शिक्षा नीति में बड़े स्तर पर बदलाव की तैयारी है। करीब 1 लाख बच्चों का अब उनके शारीरिक मानसिक तथा बौद्धिक विकास का रिपोर्ट तैयार होगा। इन आंगनबाड़ी के सभी केंद्रों पर हर महीने की 14 तारीख को अभिभावकों का स्वागत होगा। इस दौरान उनके बच्चों की प्रगति रिपोर्ट से उन्हें अवगत कराया जाएगा।

(Bihar News) संवाद सहयोगी, हुलासगंज (जहानाबाद) : जिले के सभी सात प्रखंडों में संचालित 1278 आंगनबाड़ी केंद्रों में नई शिक्षा नीति के अनुरूप व्यापक परिवर्तन की तैयारी है। केंद्रों में नामांकित कुल 97165 छात्र-छात्राओं का प्रवेशोत्सव सह स्वागत कार्ड बच्चों के रिपोर्ट कार्ड के रूप में उपलब्ध होगा।
अक्टूबर माह(October) से इसे लागू किया जाना है। अब बच्चों के रिपोर्ट कार्ड से यह स्पष्ट होगा कि केंद्र में पढ़ रहे बच्चों का शारीरिक, मानसिक तथा बौद्धिक विकास किस रूप में हो रहा है।
महीने के अंत में बच्चों के वृद्धि एवं विकास का अवलोकन कर रिपोर्ट कार्ड(Report Card) में भरा जाएगा। आईसीडीएस के जिला समन्वयक राकेश रंजन ने बताया कि रिपोर्ट कार्ड जिला कार्यालय को मिल चुका है। जहां से प्रत्येक केंद्र को रिपोर्ट कार्ड मुहैया कराया जा रहा है।
यह भी पढ़ें: Black Deer Hunting Case: काला हिरण शिकार मामले में थानाध्यक्ष को SP ने किया निलंबित, जांच में मिली ये चीजें
उन्होंने बताया कि अभिभावकों से स्वागत कार्ड भरवाया जाएगा। जिसमें माता-पिता(Parents) से छह प्रश्न पूछे जाएंगे। जिले में 0 से 3 वर्ष के 41944 बच्चे आंगनबाड़ी (Anganwadi) में नामांकित हैं।
3 से 6 वर्ष के 55221 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं। बच्चों के समग्र विकास के लिए बृहद तैयारी विभाग द्वारा की जा रही है। बच्चों के शारीरिक विकास के साथ-साथ उनका मानसिक विकास कैसे हो इस पर विशेष रूप से बल दिया जाएगा। बच्चों का रिपोर्ट कार्ड भरने और उनके शैक्षणिक मानसिक विकास के लिए आंगनबाड़ी कर्मियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है।
सभी केंद्र पर हर माह की 14 तारीख को अभिभावकों का स्वागत
सभी आंगनबाड़ी (Anganwadi) पर एक साथ प्रत्येक माह की 14 तारीख को अभिभावकों का स्वागत किया जाएगा। इस दौरान उनके बच्चों की प्रगति रिपोर्ट की जानकारी उन्हें दी जाएगी। अभिभावकों से प्रगति रिपोर्ट भरवाने के क्रम में उनसे छह बिंदुओं पर प्रश्न पूछे जाएंगे और इसके पश्चात उनके दिए गए उत्तर को प्रविष्टि के रूप में रिपोर्ट कार्ड में दर्ज किया जाएगा।
बच्चों का नाम, उम्र, वजन, लंबाई, माता-पिता का नाम, केंद्र का नाम, संख्या, संबंधित प्रखंड एवं जिला का नाम दर्ज किया जाएगा। बच्चों के टीकाकरण तथा गर्भवती मां की देखरेख से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्यों को भी केंद्र की दीवार पर चिपकाया जायेगा।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।