पटना-गया रेलखंड की अवैध क्रॉसिंग पर तीन साल में 16 दुर्घटनाएं, कड़ौना हाल्ट पर नहीं है फाटक
वर्ष 2023 से अब तक पटना गया रेलखंड पर 16 छोटे बड़े हादसे हो चुके हैं। हादसे के बाद रेलवे विभाग हरकत में आता है और अवैध क्रॉसिंग को बंद करने की कवायद शुरू होती है। जहानाबाद व नदौल के बीच चार बेला और और नदवां के आसपास अवैध क्रॉसिंग के पास एक-एक हादसे हुए हैं।
जागरण संवाददाता, जहानाबाद। पटना गया रेलखंड पर आए दिन अवैध क्रॉसिंग के कारण दुर्घटनाएं होती हैं। हाल के दिनों में कड़ौना और सेवनन में दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। प्रत्येक हादसे के बाद रेलवे विभाग हरकत में आता है और अवैध क्रासिंग को बंद करने की कवायद शुरू होती है। चंद दिनों बाद पहल बंद हो जाती है।
रेलखंड पर 30 से ज्यादा अवैध फाटक हैं, जहां लगातार दुर्घटनाएं होती रही हैं। वर्ष 2023 से अब तक इस रेल खंड पर 16 छोटे बड़े हादसे हो चुके हैं। वर्ष 2023 में चार दुर्घटना हुई थीं, जिसमें टेहटा और बेला में एक-एक दुर्घटना हुई हैं। वर्ष 2024 में आधा दर्जन हादसे हुए हैं, जिसमें तीन दुर्घटना नदौल में व नदवां, बेला और टेहटा के समीप एक-एक दुर्घटनाएं हुईं।
इस साल अभी तक छह दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। जहानाबाद व नदौल के बीच चार, बेला और और नदवां के आसपास अवैध क्रॉसिंग के पास एक-एक हादसे हुए हैं। चमन बिगहा समेत कुछ अवैध क्रॉसिंग के समीप अंडरपास सड़क बनाने की बात की गई थी, लेकिन विभागीय प्रक्रिया अब तक धरातल पर नहीं उतरी। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि रेलवे को नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट उपलब्ध नहीं हो सका है जिस कारण काम प्रारंभ नहीं हुआ है।
अवैध क्रॉसिंग से हमेशा गुजरते हैं वाहन
अवैध रेलवे क्रॉसिंग से पैदल आने जाने वाले लोगों के साथ साथ माल वाहक गाड़ियां भी गुजरती हैं। कुछ दिन पहले कड़ौना हाल्ट के समीप एक ट्रैक्टर की ट्राली रेलवे ट्रैक में फंस गई थी। सेवनन हाल्ट के पास एक कार का पहिया पटरी में फंस गया था। दोनों ही घटनाओं में ट्रेन चालक की सूझबूझ से बड़ा हादसा टल गया था। अवैध क्रॉसिंग को बंद नहीं किया गया तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
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