मीरगंज थाना परिसर में जलजमाव, जब्त वाहन हो रहे बर्बाद
गोपालगंज के मीरगंज थाना परिसर में जलभराव की गंभीर समस्या है जहाँ नालियों का गंदा पानी और जब्त गाड़ियाँ जमा हैं। प्रशासनिक उदासीनता के चलते परिसर की हालत बदतर हो गई है जिससे संक्रमण और दुर्गंध फैल रही है। थानाध्यक्ष ने सफाई का काम शुरू किया है लेकिन स्थायी समाधान की आवश्यकता है। स्थानीय नागरिकों ने इसे स्वास्थ्य समस्या बताते हुए प्रशासन से जल्द कार्यवाही करने की मांग की है।

जागरण संवाददाता, हथुआ (गोपालगंज)। मीरगंज थाना परिसर की स्थिति प्रशासनिक उपेक्षा का जीवंत उदाहरण बन चुकी है। सर्किल इंस्पेक्टर आवास के ठीक सामने वर्षों से जलजमाव की समस्या बनी हुई है।
यह पानी बरसात का नहीं, बल्कि थाना परिसर के बाहर से बहकर आने वाली नालियों का गंदा और बदबूदार पानी है, जिसमें सड़े-गले कचरे के साथ-साथ जब्त की गई गाड़ियां भी धीरे-धीरे जंग खा रही हैं।
स्थिति इतनी बदतर हो चुकी है कि एक पुरानी बस और कई छोटी गाड़ियां इस गंदे पानी में आधी से ज्यादा डूब चुकी हैं। बड़ी संख्या में जब्त गाड़ियां थाना परिसर में खड़ी हैं, जिन पर अब घास-फूस और लताएं उग आई हैं।
इन वाहनों का न तो निस्तारण हो रहा है और न ही इनके रखरखाव की कोई व्यवस्था है। हालांकि, थानाध्यक्ष अनिल कुमार ने स्थानीय चौकीदारों के सहयोग से इन जब्त वाहनों पर उगी झाड़ियां और लताओं को हटाने का कार्य प्रारंभ किया है।
वहीं, जब तक जलजमाव की स्थायी निकासी की व्यवस्था नहीं होती, तब तक ऐसी ही समस्या बनी ही रहेगी। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह केवल सौंदर्य या व्यवस्था की बात नहीं, बल्कि संक्रमण और दुर्गंध का कारण बन चुकी गंभीर स्वास्थ्य समस्या है।
प्रशासनिक उदासीनता के कारण मीरगंज थाना परिसर की यह स्थिति न केवल विभाग की छवि धूमिल कर रही है, बल्कि कानून व्यवस्था के प्रतीक स्थान को कूड़ा घर में तब्दील कर चुकी है।
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