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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 09, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Gopalganj News: गोपालगंज में बहुमूल्य रेडियोएक्टिव पदार्थ की तस्करी करते 3 गिरफ्तार, यूपी से है कनेक्शन

Published: Fri, 09 Aug 2024 01:29 PM (IST)Updated: Fri, 09 Aug 2024 02:07 PM (IST)

Gopalganj News गोपालगंज पुलिस ने बहुमूल्य रेडियोएक्टिव पदार्थ की तस्करी करते तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है। तस्करों के पास ...और पढ़ें

बहुमूल्य रेडियोएक्टिव पदार्थ कैलिफोरनियम की तस्करी (जागरण फोटो)
बहुमूल्य रेडियोएक्टिव पदार्थ कैलिफोरनियम की तस्करी (जागरण फोटो)

HighLights

  1. गोपालगंज में रेडियोएक्टिव पदार्थ की तस्करी का चला पता
  2. गोपालगंज पुलिस ने तीन तस्करों को गिरफ्तार कर लिया
  3. रेडियोएक्टिव पदार्थ को एफएसएल की टीम कर रही हैंडल

जागरण संवाददाता, गोपालगंज। Gopalganj News: गोपालगंज जिले के कुचायकोट में बहुमूल्य रेडियोएक्टिव पदार्थ की तस्करी करते पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

तस्करों के पास से 50 ग्राम कैलिफोरनियम बरामद किया गया है। गोपालगंज एसपी स्वर्ण प्रभात ने बताया कि एसटीएफ, एसओजी 7, डीआईयू और कुचायकोट थाने की पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 50 ग्राम कैलिफोरनियम के साथ तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तार अभियुक्तों का नाम व पताः-

01. छोटलाल प्रसाद पे० स्व० चन्द्रदेव प्रसाद सा० परसौनी बुजूर्ग थाना तमकुहीराज जिला कुशीनगर (उ०प्र०)

02. चन्दन गुप्ता पे० योगेन्द्र साह सा० वार्ड नं0 22 थावे रोड कौशल्या चौक गोपालगंज थाना नगर जिला गोपालगंज

03. चन्दन राम पे० हरेन्द्र राम सा० कुशहर मठिया थाना महम्मदपुर जिला गोपालगंज

कहां होता है कैलिफोरनियम का प्रयोग?

  • एसपी ने बताया कि कैलिफोरनियम एक बहुमूल्य रेडियोएक्टिव पदार्थ है।
  • इसका प्रयोग न्यूक्लियर रिएक्टर से न्यूक्लियर पावर के उत्पादन में होता है।
  • इसके अलावा ब्रेन कैंसर जैसी कई गंभीर बीमारियों को ठीक करने में भी इसे इस्तेमाल में लाया जाता है। 

पकड़ गया तस्कर उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले का रहने वाला है। दो लाइनर हैं। दोनों ही गोपालगंज के रहने वाले हैं। कई महीनों से इस पदार्थ को बेचने की कोशिश में था। पुलिस ने गुप्त सूचना पर कारवाई की है। - स्वर्ण प्रभात, एसपी, गोपालगंज

परमाणु ऊर्जा विभाग को भी सूचित किया गया

रेडियोएक्टिव पदार्थ की हैंडलिंग और आगे की जांच के लिए एफएसएल की विशेष टीम को बुलाया गया है। परमाणु ऊर्जा विभाग को भी सूचित किया गया है।

एसपी ने बताया कि जांच में यह सर्टिफिकेट फेक बताया गया है।

एक रिपोर्ट साझा करते हुए एसपी ने बताया कि तस्करों के पास से एक प्रमाण पत्र भी मिला है। दावा है कि यह उक्त पदार्थ की लैब टेस्ट रिपोर्ट है।

इस टेस्ट को IIT Madras में कराया गया है। इस पदार्थ को पुडुचेरी की न्यूक्लियर पावर कंपनी का बताया गया है।

हालांकि, एसपी प्रभात ने इस प्रमाण पत्र को फर्जी बताते हुए कहा कि इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए पुडुचेरी पुलिस से भी संपर्क साधा गया है।

उन्होंने यह भी बताया कि उक्त प्रमाण पत्र के संबंध में IIT मद्रास के प्रोफेसर एस मोहन से भी पुलिस ने बात की है। प्रो. मोहन ने भी उक्त सर्टिफिकेट को फेक बताया है।

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