गोपालगंज की 230 पंचायतों का होगा कायाकल्प, 23 करोड़ की लागत से संवरेंगे गांव
गोपालगंज जिले की 230 पंचायतों में 'कायाकल्प अभियान' के तहत 2300 योजनाएं चयनित की गई हैं, जिन पर करीब 23 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

गोपालगंज की 230 पंचायतों का होगा कायाकल्प, 23 करोड़ की लागत से संवरेंगे गांव (AI Generated Image)
HighLights
गोपालगंज की 230 पंचायतों में 2300 योजनाएं चयनित।
23 करोड़ रुपये की लागत से बुनियादी सुविधाएं सुधरेंगी।
30 नवंबर तक सभी कार्य पूरे करने का लक्ष्य।
जागरण संवाददाता, गोपालगंज। जिले की पंचायतों में बुनियादी सुविधाओं और सार्वजनिक परिसंपत्तियों की तस्वीर बदलने की तैयारी शुरू हो गई है। कायाकल्प अभियान के तहत जिले की 230 पंचायतों में 2300 योजनाएं चयनित की गई हैं। इन योजनाओं पर करीब 23 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
प्रत्येक पंचायत में औसतन 10 योजनाएं ली गई हैं। प्रशासन ने सभी चयनित कार्यों को 30 नवंबर तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
स्थानीय जरूरतों और प्राथमिकताओं के आधार पर योजनाओं का चयन किया गया है। पंचायतों में लंबे समय से मरम्मत और रख-रखाव की जरूरत वाले सरकारी भवनों को अभियान में प्राथमिकता दी गई है।
विद्यालय, आंगनबाड़ी केंद्र, सामुदायिक भवन, छात्रावास और स्वास्थ्य केंद्रों के रंग-रोगन व मरम्मत के साथ वहां जरूरी बुनियादी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। प्रत्येक पंचायत में करीब 10 से 12 लाख रुपये तक के कार्य कराए जाएंगे।
सड़क-नाली से तालाब और चापाकल तक पर नजर
कायाकल्प अभियान में भवनों के साथ गांव की रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़े कार्यों को भी शामिल किया गया है। चापाकल, तालाब, ग्रामीण सड़क, जल निकासी समेत अन्य आधारभूत सुविधाओं को दुरुस्त किया जाएगा।
इससे पंचायत स्तर पर छोटी, लेकिन जरूरी समस्याओं के समाधान को योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने की तैयारी है।
पहले प्रशिक्षण, अब धरातल पर उतारने की तैयारी
अभियान को समय पर पूरा कराने के लिए प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों और कर्मियों को प्रशिक्षण दिया गया है। प्रशिक्षण में पंचायतों की स्थानीय जरूरतों के आधार पर समेकित विकास कार्ययोजना तैयार करने, योजनाओं की प्राथमिकता तय करने और उनके क्रियान्वयन की प्रक्रिया समझाई गई।
बीवी-जी-रामजी योजना के तहत ग्राम पंचायत स्तर पर विकास कार्यों के चयन और प्राथमिकता निर्धारण पर भी प्रशिक्षण दिया गया। चापाकल, तालाब, सड़क, आंगनबाड़ी केंद्र, विद्यालय भवन, कौशल केंद्र और भंडारण संरचनाओं से जुड़े कार्यों पर विशेष चर्चा हुई।
अब प्रशासन की चुनौती चयनित 2300 योजनाओं को तय समय में धरातल पर उतारने की है। इसके लिए प्रखंड और पंचायत स्तर पर कार्यों की गति पर नजर रखने की तैयारी है।
यह भी पढ़ें- गोपालगंज-छपरा वालों के लिए खुशखबरी, आनंद विहार के लिए आज से शुरू हुई पूजा स्पेशल ट्रेन
यह भी पढ़ें- गोपालगंज के गांवों में तैयार होगा गेहूं का बीज, 1559 गांव के किसानों को मिलेगा योजना का लाभ
