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गोपालगंज के अखाड़ा मेले में डीजे पर नाचीं डांसर, सैकड़ों पुलिसकर्मियों की मौजूदगीं में टूटीं शर्तें 

Published: Sat, 31 Oct 2026 02:48 PM (IST)

गोपालगंज के फुलवरिया प्रखंड में अखाड़ा मेलों के दौरान प्रशासनिक निर्देशों की खुलेआम अनदेखी की गई। 100 से अधिक पुलिसकर्मियों ...और पढ़ें

मंच पर नाचतीं डांसर। फोटो जागरण

मंच पर नाचतीं डांसर। फोटो जागरण

HighLights

  1. अखाड़ा मेलों में प्रशासनिक निर्देशों की अनदेखी हुई।

  2. डीजे और नर्तकियों के नृत्य पर रोक नहीं लगी।

  3. 100 से अधिक पुलिसकर्मी भी कार्रवाई नहीं कर पाए।

जागरण संवाददाता, गोपालगंज। फुलवरिया प्रखंड में अखाड़ा मेले के दौरान प्रशासनिक निर्देशों की खुलेआम अनदेखी का मामला सामने आया है।

पैकौली बद्दो, माड़ीपुर और बथुआ बाजार में आयोजित अखाड़ा मेलों में डीजे और आर्केस्ट्रा पर नर्तकियों के नृत्य का प्रदर्शन होता रहा, जबकि शांति समिति की बैठक में आयोजन समितियों को डीजे नहीं बजाने और अश्लील नृत्य पर रोक लगाने की स्पष्ट हिदायत दी गई थी।

इसके बावजूद तीनों स्थानों पर निर्देशों का पालन नहीं कराया जा सका। मेले में 100 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती के बीच नियमों की अनदेखी होती रही।

पैकौली बद्दो और बिशुनपुरा से निकला अखाड़ा जुलूस लाइन बाजार पहुंचा। इस दौरान डीजे की तेज धुन पर नर्तकियों के नृत्य का प्रदर्शन किया गया।

गुरुवार को माड़ीपुर में आयोजित मेले में साहेब छपरा, माड़ीपुर, कल्याणी समेत विभिन्न गांवों की अखाड़ा समितियों ने भाग लिया। यहां भी आर्केस्ट्रा पर नर्तकियों का नृत्य कराया गया।

वहीं, गुरुवार की रात से शुक्रवार रात तक प्रमुख व्यावसायिक केंद्र बथुआ बाजार में आयोजित अखाड़ा मेले में भी यही स्थिति रही। श्रीपुर और फुलवरिया थाना क्षेत्र के विभिन्न गांवों से निकली अखाड़ा समितियों के साथ आर्केस्ट्रा में नर्तकियों का नाच कराया गया।

निर्देश के बावजूद कार्रवाई पर सवाल

एक ओर प्रशासन शांति समिति की बैठकों में डीजे और अश्लील नृत्य पर रोक लगाने की बात करता है, वहीं दूसरी ओर मेले में इन निर्देशों का पालन नहीं होना व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।

आर्केस्ट्रा कार्यक्रमों पर रोक की जिम्मेदारी से जुड़े विशेष दल के ठेकेदार की मौजूदगी के बावजूद नृत्य कार्यक्रम जारी रहने से भी सवाल उठे। अब देखना है कि प्रशासन नियमों की अनदेखी करने वाली आयोजन समितियों पर कार्रवाई करता है या मामला महज निर्देशों तक ही सीमित रह जाता है।

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