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बिहार के सरकारी स्कूलों को मिलेगा नया रंग-रूप, गुलाबी और ग्रे रंग से बदलेगी पहचान

Published: Sat, 31 Oct 2026 02:00 PM (IST)

Bihar Government Schools: बिहार के सरकारी विद्यालयों में भवनों का रंग-रोगन और मरम्मत की जाएगी, जिससे उनकी सूरत बदलेगी। प्राथमिक ...और पढ़ें

जिले के सभी प्रारंभिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में भवनों के रंग-रोगन और मरम्मत का काम होगा।

जिले के सभी प्रारंभिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में भवनों के रंग-रोगन और मरम्मत का काम होगा।

HighLights

  1. सरकारी स्कूलों के भवनों का होगा रंग-रोगन और मरम्मत।

  2. प्राथमिक विद्यालय गुलाबी, उच्च माध्यमिक विद्यालय ग्रे रंग के।

  3. पेयजल, शौचालय सहित अन्य सुविधाओं में भी सुधार होगा।

संवाद सहयोगी, मोतिहारी (पूर्वी चंपारण)। Bihar School Building Painting: बिहार के सरकारी विद्यालयों की सूरत अब बहुत जल्द पूरी तरह बदलने जा रही है।

विभागीय स्तर पर इसके लिए पुख्ता तैयारी शुरू कर दी गई है। ताजा निर्देशों के तहत जिले के सभी प्रारंभिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में भवनों के रंग-रोगन और मरम्मत का काम होगा।

एक समान पहचान

विभाग द्वारा जारी पत्र के अनुसार सभी सरकारी स्कूलों में एकरूपता लाने के लिए मानक तय किए गए हैं। जिला शिक्षा पदाधिकारी ने सभी प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिए हैं। भवनों के बाहरी और भीतरी हिस्सों के लिए अलग-अलग रंग और डिजाइन तय हुए हैं।

15 नवंबर तक लक्ष्य

विद्यालयों में रंग-रोगन और जरूरी सुधार कार्यों को पूरा करने की अंतिम तिथि निर्धारित की गई है। इसके तहत सभी संबंधित संस्थानों को 15 नवंबर 2026 तक पेंटिंग का काम पूरा करना होगा। पूर्व में कई जगह मानक का पालन नहीं होने से अब सख्ती बरती जा रही है।

गुलाबी और ग्रे रंग

कक्षा एक से आठ तक के प्रारंभिक विद्यालयों और किचेन शेड के बाहर गुलाबी रंग व किनारों पर मैरून पट्टी होगी। अंदर सफेद रंग रहेगा। वहीं, कक्षा 9 से 12 तक के उच्च माध्यमिक विद्यालयों के बाहर ग्रे रंग और नीली पट्टी निर्धारित की गई है।

मरम्मत और सुविधाएं

रंग-रोगन के अलावा भवनों की छोटी-मोटी मरम्मत, फर्श, पेयजल और शौचालयों की व्यवस्था दुरुस्त होगी। दीवारों पर नामांकन विवरण तथा प्रेरणादायक स्लोगन भी लिखवाए जाएंगे। इससे परिसरों का माहौल पूरी तरह सुधरेगा।

पचास हजार खर्च

इन सभी विकास कार्यों को पूरा कराने के लिए विद्यालयों को वित्तीय अनुमति दी गई है। प्रारंभिक और माध्यमिक विद्यालय इस कार्य पर अधिकतम 50 हजार रुपये तक की राशि खर्च कर सकेंगे। यह खर्च नियमों के तहत होगा।

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सभी विद्यालयों में रंग रोगन के अलावा अन्य आवश्यक कार्यों को ससमय पूरा करना है। विभागीय पदाधिकारियों के निरीक्षण के दौरान सभी विद्यालयों में रंग रोगन निर्धारित रंग से नहीं करने के कारण यह निर्णय लिया गया है। कार्य पूरा होने के बाद सभी विद्यालयों का लुक एक तरह हो जाएगा। यह आकर्षक भी होगा।

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राजन गिरी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, पूर्वी चंपारण

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