मैट्रिक–इंटर 2026 की तैयारी में बड़ा कदम, गोपालगंज के सभी विद्यालयों में क्रैश कोर्स कार्यक्रम की शुरुआत
गोपालगंज में जिला शिक्षा पदाधिकारी ने मैट्रिक और इंटर परीक्षा 2026 की तैयारी के लिए विशेष शैक्षणिक पहल की है। 2 दिसंबर से दो महीने का क्रैश कोर्स शुरू होगा, जिसमें छात्रों को सभी विषयों का पुनरावलोकन कराया जाएगा। जिन स्कूलों में शिक्षक नहीं हैं, वहां ऑनलाइन कक्षाएं मिलेंगी।
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वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आगाह करते डीईओ।
जागरण संवाददाता, गोपालगंज। मैट्रिक एवं इंटर परीक्षा 2026 में विद्यार्थियों के प्रदर्शन को मजबूत बनाने के उद्देश्य से जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) योगेश कुमार ने जिले के सभी माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में विशेष शैक्षणिक पहल शुरू की है।
इसके तहत दो माह का क्रैश कोर्स 2 दिसंबर से प्रारंभ होगा, जो दिसंबर और जनवरी महीने तक चलेगा। इस अवधि में कक्षा 10 और 12 के विद्यार्थियों को सभी विषयों का पुनरावलोकन, महत्वपूर्ण प्रश्नों का अभ्यास, मॉडल टेस्ट और नियमित प्रैक्टिस वर्क कराया जाएगा।
जिन विद्यालयों में विषय शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं, वहां विद्यार्थियों को ऑनलाइन अध्ययन सामग्री, वर्चुअल कक्षाएं और डिजिटल संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। ऑनलाइन कक्षाओं के सुचारू संचालन के लिए प्रधानाध्यापकों को विकास मद से एक अतिरिक्त टेलीविजन खरीदने की अनुमति दी गई है।
कोर्स की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए जिला स्तर पर तकनीकी टीम गठित की जाएगी, जबकि जिला और प्रखंड स्तरीय अधिकारी रैंडम वीडियो काल और भौतिक निरीक्षण के माध्यम से कार्यक्रम की सतत मॉनिटरिंग करेंगे। तैयारी को और परिणाममुखी बनाने के लिए प्रशासन ने पुरस्कार योजना लागू की है।
क्रैश कोर्स टेस्ट एवं बोर्ड परीक्षा में जिले के शीर्ष तीन विद्यार्थियों और उनके विद्यालयों को नकद पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। इसके साथ ही डीईओ ने स्केचर कंसल्टिंग एंड मार्केटिंग प्रा. लि. की निदेशक व इमेज कोच शिप्रा सिंह के सहयोग से हाईस्कूल विद्यार्थियों के लिए पर्सनैलिटी डेवलपमेंट कार्यक्रम ‘डेयर टू ड्रीम’ की भी शुरुआत की है।
पहले चरण में कक्षा 9 और 11 के लिए प्रत्येक विद्यालय में दो नोडल शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति की जाएगी। बोर्ड परीक्षाओं के बाद मार्च से कक्षा 10 और 12 के विद्यार्थियों को एक माह का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे करियर चयन और व्यक्तित्व विकास में सशक्त बन सकें। डीईओ ने कहा कि यह पहल आने वाले वर्षों में जिले की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देगी।

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