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    डेंगू की रोकथाम के लिए एंटी लार्वा केमिकल का छिड़काव

    By JagranEdited By:
    Updated: Mon, 30 Sep 2019 08:36 PM (IST)

    --स्वास्थ्य विभाग चला रहा अभियान जलजमाव वाले क्षेत्र किए गए चिह्नित सतर्कता - एंटी लार्वा केमिकल का छिड़काव ठंड के मौसम आने तक किया जाता रहेगा -रोगों से निपटने के लिए रैपिड रिस्पॉंस टीम का भी किया गया गठन ----------- जागरण संवाददाता गया

    डेंगू की रोकथाम के लिए एंटी लार्वा केमिकल का छिड़काव

    गया। जिला को डेंगू मुक्त बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग कमर कस ली है। डेंगू के प्रकोप को रोकने के लिए एंटी लार्वा केमिकल का छिड़काव शहर के जलजमाव वाले क्षेत्र में किया जा रहा है।

    जयप्रकाश नारायण अस्पताल के जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. एमई हक ने बताया कि डेंगू सहित अन्य मच्छर जनित बीमारी से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग की एक टीम काम कर रही है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग मच्छर जनित रोगों जैसे डेंगू, चिकनगुनिया व मलेरिया आदि को लेकर सतर्क है। एंटी लार्वा केमिकल का छिड़काव ठंड के मौसम आने तक किया जाता रहेगा। इन गंभीर रोगों से निपटने के लिए रैपिड रिस्पॉंस टीम का भी गठन किया गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम को जिला व सामुदायिक स्तर पर इन रोगों के प्रति जागरुकता लाने व आपातकाल स्थिति में सक्रिय रहने के लिए कहा गया है।

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    लक्षणों की करें पहचान

    डेंगू एवं चिकनगुनिया की बीमारी एडीस मच्छर के काटने से होता है। मच्छर की यह प्रजाति सामान्यत: दिन में काटता है। मच्छर जल जमाव वाली जगह पर प्रजनन करता है। डेंगू का असर तीन से नौ दिनों तक रहता है। डेंगू से प्रभावित व्यक्ति बहुत तेजी से कमजोर हो जाता है और उसके खून में प्लेटलेट्स की कमी हो जाती है। चिकनगुनिया भी मच्छर के काटने से होता है और इसका असर तीन माह से छह माह तक हो सकता है। इन दोनों बीमारियों के लक्षण लगभग एक जैसे होते हैं। इन दोनों बीमारियों की स्थिति में तेज बुखार, बदन, सर व जोड़ों में दर्द रहता है। त्वचा पर लाल धब्बे या चकते उभर आते हैं। साथ ही मल का रंग काला होता है।

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    मच्छरों से करें बचाव

    मच्छरों से बचाव के लिए घर की साफ -सफाई रोजाना करें। घर के किसी हिस्से में पानी नहीं जमा होने दें। सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल अवश्य करें। बच्चों को पूरे कपड़े पहनाएं। साथ ही मच्छर भगाने वाली क्रीम का इस्तेमाल दिन के समय में करें। घर के बार गंदगी व जल जमाव न होने दें। यदि कहीं पर पानी जमा हो तो केरोसन तेल या कीटनाशक का छिड़काव करें।

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    अस्पतालों में इलाज की सुविधा

    जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. एमई हक ने बताया कि सदर अस्पताल समेत सभी पीएचसी में डेंगू व मच्छर जनित रोगों के इलाज की सुविधा है। बरसात को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट है। पितृपक्ष मेला को देखते हुए विष्णुपद सहित शहर के कई इलाकों खास कर जलजमाव वाले क्षेत्र में छिड़काव किया जा रहा है।