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    आतंकी पठान तौसीफ खान सहित तीन के खिलाफ स्पीडी ट्रायल शुरू, 2017 में गया में हुई थी गिरफ्तारी

    By Sumita JaiswalEdited By:
    Updated: Tue, 21 Sep 2021 12:04 PM (IST)

    इंडियन मुजाहिदीन व सिमी के सक्रिय कार्यकर्ता पठान तौसीफ ने वर्ष 2008 में गुजरात के अहमदाबाद में 19 स्थानों पर 21 सीरियल बम ब्लास्ट कराया था। बोधगया सीरियल बम ब्‍लास्‍ट और पीएम मोदी की सभा में बम ब्‍लास्‍ट का आरोपित है। गया में कैफे संचालक की मदद से गिरफ्तार हुआ

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    आतंकी तौसीफ गया में स्‍लीपर सेल तैयार कर रहा था, सांकेतिक तस्‍वीर।

    गया, जागरण संवाददाता। गुजरात सीरियल ब्लास्ट के मुख्य आरोपित आतंकी पठान तौसीफ खान सहित तीन अन्य आरोपितों के खिलाफ सोमवार को स्पीडी ट्रायल को लेकर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश चतुर्थ आरती कुमारी सिंह के न्यायालय में पेशी हुई। इन आरोपितों के खिलाफ गया के सिविल लाइंस थाने में कांड संख्या 377-2017 पर मुकदमा दर्ज है। पहले दिन कैफे संचालक की गवाही हुई, जिसकी निशानदेही पर आतंकी पकड़ा गया था।

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    अपर लोक अभियोजक अम्बुज कुमार सिन्हा ने बताया, स्पीडी ट्रायल के तहत कैफे संचालक अनुराग बसु की गवाही कोर्ट में कराई गई। अनुराग ने बताया कि आरोपित बराबर कैफे पर आता था। लगातार आने और घंटों कंप्यूटर पर काम करने पर शक हुआ। तब तौसीफ खान से पहचान पत्र की मांग की। इस पर वह कैफे से निकलकर भागने लगा। उन्हें शक हुआ तो पीछा किया और सिविल लाइंस थाने को फोन किया। थाने की पुलिस कोयरीबारी मोड़ पहुंची। तब आरोपित को पुलिस के हवाले किया गया। अपर लोक अभियोजक ने बताया कि गवाह को मंगलवार को पुन: केस प्रति परीक्षण के लिए न्यायालय में बुलाया गया है। उन्होंने बताया कि कोर्ट में गुजरात सीरियल बम ब्लास्ट सहित अन्य आरोप में पठान तौसीफ खान, सन्ने खां उर्फ शहनशाह व गुलाम सरवर को कोर्ट में लाया गया था। इसमें तौसीफ और सन्ने खां को केंद्रीय कारा से कोर्ट लाया गया था, जबकि गुलाम सरवर जमानत पर छूटा था, इसलिए केस में पेशी के लिए आया था। बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता कैशर सफरूदीन व परवेज आलम मौजूद थे।

    क्या था मामला :

    पठान तौसीफ खान गया में रहकर अलकायदा सिमी व इंडियन मुजाहिदीन आतंकी संगठन के लिए अलग-अलग प्रदेशों में अपने संगठन के लिए स्लीपर सेल यानि सक्रिय कार्यकर्ता बनाने का कार्य कर रहा था। इसी क्रम में राजेंद्र आश्रम मोहल्ले में कैफे में आता था। 13 सितंबर 2017 को कैफे संचालक अनुराग बसु के सहयोग से पठान तौसीफ खान को पकड़ा गया। उस वक्त वह डोभी करमौनी में एक निजी स्कूल में रहता था। उसकी गिरफ्तारी के बाद सहयोगी सन्ने खां उर्फ शहनशाह व सहादेव खाप से गुलाम सरवर को पकड़ा गया था। कई साल तक सन्ने व गुलाम को गया केंद्रीय कारा में रखा गया, लेकिन तौसीफ को गुजरात पुलिस साथ ले गई थी। कुछ माह पहले तौसीफ को गुजरात से गया कारा लाया गया था।

    गुजरात सीरियल बम ब्लास्ट का था आरोपित :

    सूत्रों के अनुसार इंडियन मुजाहिदीन व अलकायदा सिमी के सक्रिय कार्यकर्ता पठान तौसीफ ने प्लांट करते हुए वर्ष 2008 में गुजरात के अहमदाबाद में 19 स्थानों पर 21 सीरियल बम ब्लास्ट कराया था। इसमें 56 लोगों की मौत हुई थी और 200 लोग जख्मी हुए थे। उसके बाद वहां से फरार था। एक पुलिस अधिकारी की मानें तो 2013 में बोधगया में सीरियल बम ब्लास्ट व 2015 में पटना के गांधी मैदान में भाजपा के वरिष्ठ नेता रहे नरेंद्र मोदी की सभा में बम ब्लास्ट हुआ था।

    कई सुरक्षा एजेंसी कर चुकीं पूछताछ :

    वर्ष 2017 में पठान तौसीफ खान की गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा एजेंसी के कान खड़े हो गए थे। पहले तो इसे साधारण व्यक्ति समझा जा रहा था। उसके बाद आतंकी से पूछताछ शुरु हुई तो गया पुलिस के कान खड़े हो गए। बिहार, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, गुजराज एटीएस, एनआइए सहित देश के प्रमुख सुरक्षा एजेंसी के अधिकारी ने पूछताछ की थी। उसके बाद हीं गुजरात ले जाया गया था।