पितृपक्ष से पहले गयाजी में बिजली संकट गहराया, सुबह से शाम घंटों हो रही कटौती
गयाजी में पितृपक्ष मेले से पहले बिजली विभाग की लापरवाही से लोग परेशान हैं। शहर में लगातार बिजली कटौती हो रही है जिससे लोगों की नींद उड़ गई है। विभाग का कहना है कि यह कटौती मेंटेनेंस के कारण की जा रही है ताकि मेले के दौरान निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।

जागरण संवाददाता, गयाजी। पितृपक्ष मेले की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। शहर में अलग-अलग क्षेत्रों से आने वाले लाखों तीर्थयात्रियों की सुविधा के नाम पर जहां नगर निगम, पर्यटक विभाग एवं जिला प्रशासन जोर-शोर से तैयारियों का दावा कर रहे है। वहीं बिजली विभाग की लापरवाही से लोग पहले से परेशान है।
पितृपक्ष शुरू होने में एक सप्ताह से भी कम का समय शेष रह गया है। लेकिन शहर में लगातार बिजली कटौती से लोगों की नींद उड़ा दी है। पिछले एक पखवाड़े से शहर में सुबह से शाम तक घंटों बिजली कटौती की जा रही है।
विभाग एक ही तर्क है कि यह कटौती मेंटेनेंस कार्य के लिए की जा रही है। ताकि मेले के दौरान निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित हो सके। लेकिन सवाल यह उठता है कि मेंटेनेंस के नाम बिजली काटकर घंटों छोड़ दिया जाता है और कार्य अधूरा ही पड़ा रहता है।
परिणामस्वरूप न तो मेंटेनेंस का लाभ दिख रहा और न ही लोगों की परेशानी कम हो रही है। शहर के लोगों का कहना है कि रोजाना कई-कई घंटे बिजली कटने से घर के कामकाज से लेकर व्यावसायिक गतिविधियां तक प्रभावित हो रही है।
वहीं इस से जुड़ी सेवाएं पानी की आपूर्ति, कूलिंग सिस्टम, दुकानों में फ्रिज और अस्पतालों में दिक्कतें बढ़ गई है। अब स्थिति यह है कि यदि पितृपक्ष तक यही हाल तो आने वाले तीर्थयात्रियों को काफी असुविधा झेलनी पड़ेगी।
24 घंटे बिजली आपूर्ति की बनी है योजना
प्रशासनिक स्तर पर पितृपक्ष मेले के दौरान 24 घंटे बिजली आपूर्ति की योजना बनाई गई है। लेकिन शहरवासी सवाल उठा रहे कि जब तैयारी के नाम पर ही लगातार कटौती की जा रही है और समय रहते का पूरा नहीं हो पा रहा तो मेले में स्थायी समाधान कैसे मिलेगा?
खासकर विष्णुपद, देवघाट, फल्गु तट अन्य धार्मिक स्थालों पर काफी संख्या में तीर्थयात्री प्रतिदिन पहुंचते है। ऐसे यदि बिजली आपूर्ति बाधित हुए तो अव्यवस्था फैल सकती है।
पितृपक्ष में बिजली की अधिक खपत
पितृपक्ष मेले में प्रत्येक दिन लाखों की संख्या में तीर्थयात्री गयाजी आते है। ऐसे में बिजली की खपत आम दिनों के अपेक्षा अधिक बढ़ जाता है। आम दिन शहर में बिजली की खपत 140 मेगावाट हो रहा है। लेकिन पितृ पक्ष में दस से 12 मेगावाट खपत बढ़ जाती है।
हालांकि बिजली की आपूर्ति कोई भी कमी नहीं है। उसके बाद भी बिजली की कटौती जारी है। अगर बिजली व्यवस्था दुरुस्त नहीं रही तो गयाजी की छवि पर भी सवाल उठेंगे।
पितृपक्ष मेले को देखते हुए मेंटेनेंस का काम किया जा रहा है। पितृपक्ष में शहरवासी एवं तीर्थयात्रियों को 24 घंटे बिजली मिलेगी। जर्जर तार बदला गया है। जर्जर तार के जगह केबल तार लगाया गया है। क्योंकि आंधी-पानी से भी बिजली बाधित नहीं होगी। मेंटेनेंस कार्य चलने के कारण शहर बिजली आपूर्ति बंद करना पड़ रहा था।- आजाद कुमार सिंह, कार्यपालक अभियंता, शहरी क्षेत्र
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