अब ड्राइंग सीखेंगे आंगनबाड़ी केंद्रों में नामांकित बच्चे, विभाग देगा पेंसिल, चार्ट पेपर और कलर बॉक्स
अब आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों को ड्राइंग सिखाया जाएगा। बच्चों की प्रतिभा को निखारने और बचपन से ही उनमें रचनात्मकता बढ़ाने के उद्देश्य से यह पहल की जा रही है। इसके लिए बच्चों को सबकुछ आंगनबाड़ी केंद्र पर ही मिलेगा।

जासं, भभुआ। प्ले स्कूलों की तर्ज पर आंगनबाड़ी केंद्रों में नामांकित बच्चों में भी शिक्षा के प्रति रुचि बढ़ाने और उनकी रचनात्मक क्षमता बढ़ाने के लिए विभाग तरह-तरह के प्रयास कर रहा है। इसी क्रम में अब आंगनबाड़ी केंद्रों में नामांकित बच्चों को ड्राइंग सिखाए जाने की कवायद की जा रही है। बाल विकास परियोजना विभाग की ओर से इसकी पहल शुरू कर दी गई है। विभाग ने इसकी जिम्मेदारी आंगनबाड़ी सेविकाओं को दी है। सेविकाएं द्वारा अपने पोषक क्षेत्र के सभी घरों में जाकर बच्चों को प्रेरित करेंगी। इस क्रम में बच्चों को विभाग की ओर से उपलब्ध कराई गई सामग्री भी दी जाएगी।
सीडीपीओ कार्यालय को उपलब्ध कराया गया चार्ट पेपर
मिली जानकारी के अनुसार सेविकाएं आंगनबाड़ी केंद्र में नामांकित बच्चों को पेंसिल, कलर बॉक्स व चार्ट पेपर उपलब्ध कराएंगी। इसकी तैयारी पूरी कर ली गई है। बाल विकास परियोजनाओं में चार्ट पेपर उपलब्ध भी करा दी गई है। शीघ्र यह सभी आंगनबाड़ी केंद्र की सेविकाओं को दिया जाएगा। इसके बाद सेविकाएं इसे घरों तक पहुंचाने का कार्य करेंगी। पूछे जाने पर विभाग के पदाधिकारियों द्वारा बताया गया कि इससे बच्चों में सीखने की रुचि बढ़ेगी। कलरफुल ड्राइंग से शिक्षा के प्रति रुचि बढ़ेगी।
आंगनबाड़ी केंद्रों पर दी जा रहीं हैं कई सुविधाएं
आंगनबाड़ी केंद्रों को किड्स प्ले स्कूल की तर्ज पर विकसित करने के उद्देश्य से यह पहल की गई है। बता दें कि स्कूलों के साथ-साथ आंगनबाड़ी केंद्रों को भी हर सुविधाओं से पूर्ण करने का प्रयास सरकार कर रही है। इसमें आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को पेयजल संकट ना हो इसको लेकर नल का जल पहुंचाने की कवायद की जा रही है। जिन वार्डों में आंगनबाड़ी केंद्र हैं वहां वार्डों में हुई बोरिंग से पानी पहुंचाने का कार्य किया जाना है। सरकार प्राथमिक स्तर पर बच्चों को शिक्षित करने की दिशा में कई पहल कर रही है।
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