गया: कोरोना काल का अनलॉक-2 में प्रशासन ने राहत देते हुए निर्माण कार्य करने की अनुमति दी है। जरूरत के अनुसार आवश्यक सामान की ढुलाई और भंडारण भी की जा सकती है, लेकिन रात में कतई नहीं। नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए जिले के टिकारी, पंचानपुर, गुरुआ, शेरघाटी, डोभी, गया नगर निगम क्षेत्र में मानपुर, रामशिला, धोबी घाट सहित चंदौती में बालू का कारोबार रात के अंधेरे में होता है। अवैध कारोबार से जुड़े ट्रैक्टर रात में बेतरतीब सड़कों पर दौड़ते हैं। इस वजह से कई बार हादसा भी हुआ है। कभी आम लोग तो कभी पुलिस कर्मी भी इसके शिकार हुए हैं। अवैध खनन कर सड़कों पर दौड़ने वाली गाड़ी मौत को दावत दे रही है। जबकि 30 जून से घाटों से बालू उठाव पर पूर्णत: रोक है। यह कागज पर दिख रहा है। खनन विभाग बेफ्रिक है।

सबसे बड़ी बात है कि रात में बालू की अंधाधुंध ढुलाई से तेज आवाज के कारण आम लोगों की नींद में हराम हो गई। लोग रात को सो नहीं पाते हैं। -----------

अवैध खनन का रैकेट

अवैध खनन में सैकड़ों ट्रैक्टर लगे हैं। खनन माफिया का बड़ा रैकेट है। इसमें 15 से 35 वर्ष के दर्जनों लोग जुड़े हैं। पहले राजस्व की चोरी करते हैं, फिर पुलिस से बचने के लिए रैकेट से जुड़े लोग अपने नेटवर्क पर काम करते हैं।

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अवैध वसूली की पार्षद

ने थी शिकायत

वार्ड संख्या-4 के पार्षद संगीता चंद्रा ने कहा कि छोटकी नवादा के विदेशी गली से प्रतिदिन रात में सैकड़ों टै्रक्टर से अवैध बालू की ढुलाई होती है। इस मोहल्ले में रहने वाले लोग रात को सो नहीं पाते हैं। उन्होंने एसएसपी से अवैध खनन रोकने का आग्रह किया है ताकि लोग रात में सो पाएं।

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आइजी के निर्देश के बाद भी

पीछा करती है थाने की गाड़ी विगत माह आइजी राकेश राठी ने डीएसपी व थानाध्यक्षों के साथ मीटिंग में कहा था कि कोई भी पुलिस पदाधिकारी बालू और गिट्टी के अवैध ढुलाई और खनन के पीछे नहीं दौड़ेंगे। अवैध ढुलाई को रोकने का काम खनन विभाग का है। खनन विभाग सहयोग मांगे तो पुलिस लाइन से बल दी जाएगी। निर्देश के बाद भी डेल्हा, चंदौती, कोतवाली, मुफस्सिल सहित कई थानों की पुलिस अवैध खनन की गाड़ी को पकड़ने के लिए निरंतर दौड़ लगाते हैं।

Posted By: Jagran

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