बिहार के चयनित गांवों की 20 हेक्टेयर भूमि पर लहलहा रही मक्के की फसल, गया के किसानों में खुशी
किसानों की भूमि में मक्का की बेहतर फसल हो इसके लिए जलवायु के अनुकूल कृषि कार्यक्रम के तहत मानपुर के सरलपुर रूपसपुर व नगर प्रखंड के रहीम विगहा रसलपुर व तकिया गांव का चयन किया गया। जहां 20 हेक्टेयर भूमि में जीरो टिलेज मशीन से मक्का की बोआई की गई।

जागरण संवाददाता, मानपुर (गया)। किसानों की भूमि में मक्का की बेहतर फसल हो, इसके लिए जलवायु के अनुकूल कृषि कार्यक्रम के तहत मानपुर के सरलपुर, रूपसपुर व नगर प्रखंड के रहीम विगहा, रसलपुर व तकिया गांव का चयन किया गया। जहां 20 हेक्टेयर भूमि में जीरो टिलेज मशीन से मक्का की बोआई की गई। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों की सलाह के अनुसार जैविक व रासायनिक खाद का प्रयोग किया गया। चयनित गांवों के 20 किसानों की भूमि में मक्के की फसल लहलहा रही है।
क्या कहते हैं किसान
तकिया गांव के किसान बसंत प्रसाद ने कहा, जीरो टिलेज मशीन से मक्का लगाने में काफी बचत हुई है। उर्वरक और रासायनिक खाद का प्रयोग कृषि वैज्ञानिकों के सुझाव के अनुसार सीमित मात्रा में किया जाता है। बेहतर फसल देख उपज भी अधिक होने का अनुमान है। अगले साल भी मक्के की फसल जीरो टिलेज मशीन से ही लगाएंगे।
प्रभावित हुए दूसरे गांवों के किसान
जीरो टिलेज मशीन से बोआई कर लगाई गई मक्का की लहलहाती फसल दूसरे गांव के किसानों को आकर्षित कर रही है। चाकंद के मुन्ना यादव कहते हैं कि रसलपुर में जीरो टिलेज से बोई गई मक्का की फसल बेहतर है। उपज भी अच्छी होने की उम्मीद है। अगले साल हम भी कृषि वैज्ञानिकों की सलाह से जीरो टिलेज मशीन द्वारा मक्का लगाऊंगा।
क्या कहते हैं वैज्ञानिक
कृषि वैज्ञानिक डा. देवेंद्र मंडल ने कहा, जीरो टिलेज मशीन से लगाई गई फसल काफी अच्छी है। एक एकड़ भूमि में 20 क्विंटल मक्का की उपज होने का अनुमान है।
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