गया। शेरघाटी प्रखंड के ग्राम ढावचिरैया के कजरसोत दलित टोला के लगभग सवा सौ की आबादी कुएं के पानी पीने को विवश है। रिकी देवी, वैष्णो देवी आदि ने बताया कि हमारे यहां नल- जल योजना की पाइप अभी तक नहीं बिछाई गई है। दो छोर पर चापाकल लगा है। एक मध्य विद्यालय के पास और दूसरा टोले के अंतिम छोर पर। इसमें से एक खराब हो गया है। अंतिम छोर पर लगे चापाकल दबंगों के कब्जे में है। वहां से पानी लाने के क्रम में हमेशा विवाद होता है। इसलिए हम लोग कुएं का पानी पीने को विवश हैं। खाना बनाने से लेकर नहाने तक के लिए कुएं का पानी ही उपयोग में लाया जाता है।

टोला निवासी दिलीप मण्डल, कारू मण्डल आदि कहते हैं कि गर्मी के दिनों में यह भी सूख जाता है। तब ज्यादा परेशानी होती है। कई बार स्थानीय मुखिया, वार्ड सदस्य से चापाकल लगाने की गुहार की गई है। नल का जल के लिए पाइप बिछाने का भी अनुरोध किया गया। लेकिन हम गरीबों का किसी ने नहीं सुना। सदियों से जिस कुएं का पानी हम लोग उपयोग कर रहे हैं। आज भी उसी कुए से पानी पीने को विवश हैं। बताते चलें कि मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना के तहत हर घर नल का जल मुख्यमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट है। बावजूद इसके उक्त दलित टोले के लोग कुएं का पानी पीने को मजबूर हैं। ग्रामीण कहते हैं ऊपर से जो योजनाएं आती है। वह दबंगों की भेंट चढ़ जाती है। नल जल सबके लिए चल रहा है। लेकिन पाइप तक नहीं बिछाई गई और नहीं पानी का कोई वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। परिणाम स्वरूप हम लोग कुएं का पानी पीने को विवश हैं।

मुखिया बोले

ग्रामपंचायत ढाव चिरैया के मुखिया रामलखन मांझी ने कहा कि नल-जल योजना वार्ड सदस्य के माध्यम से हो रहा है। उक्त टोले में पानी की समस्या है। कोई दूसरी वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी।

इंडियन टी20 लीग

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस