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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 13, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

वाहन दुर्घटना में मौत पर पांच लाख व घायल होने पर 50 हजार की आर्थिक मदद

By JagranEdited By:
Published: Mon, 13 Dec 2021 11:13 PM (IST)

मृतक के निकटतम आश्रित को मिलेंगे बिहार वाहन दुर्घटना सहायता निधि के रुपए घायलों को अ

वाहन दुर्घटना में मौत पर पांच लाख व घायल होने पर 50 हजार की आर्थिक मदद
वाहन दुर्घटना में मौत पर पांच लाख व घायल होने पर 50 हजार की आर्थिक मदद

मृतक के निकटतम आश्रित को मिलेंगे बिहार वाहन दुर्घटना सहायता निधि के रुपए घायलों को अस्पताल पहुंचाने वाले अच्छे मददगार को प्रोत्साहन राशि के रूप में 5 हजार व प्रशस्ति पत्र मिलेंगे दुर्घटना में मौत से संबंधित सहायता राशि के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट व प्राथमिकी जरूरी जिलाधिकारी ने कहा: सड़क हादसे में मिलने वाली मदद के लिए शीघ्र गठित करें कमेटी जागरण संवाददाता, गया:

सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए प्रभावी कदम उठाने व दुर्घटना मुआवजा से संबंधित उप समिति का गठन करने का निर्देश जिलाधिकारी अभिषेक सिंह ने दिया है। वे सोमवार को कलेक्ट्रेट में सड़क सुरक्षा को लेकर समीक्षा बैठक कर रहे थे। दुर्घटना में मृत्यु, घायल को मुआवजा देने के लिए एमभीआई( मोटर वाहन निरीक्षक) संबंधित थाना प्रभारी व सड़क अभियंता की रिपोर्ट पर मुआवजा देने का प्रावधान है। इस कार्य के लिए कमेटी का गठन करने का निर्देश दिया गया। वाहन दुर्घटना में मृत्यु होने पर पांच लाख व घायल को 50 हजार का मुआवजा बिहार वाहन दुर्घटना सहायता निधि से दी जाएगी। वहीं घायलों को अस्पताल पहुंचाने वाले अच्छे मददगार (गुड सिमरेटन) को प्रोत्साहन राशि के रूप में 5 हजार रुपये व प्रशस्ति पत्र दिए जाएंगे। जिले में तीन गुड सिमरेटन को शीघ्र ही प्रोत्साहन राशि एवं प्रशस्ति पत्र उपलब्ध कराया जाएगा। जिला परिवहन पदाधिकारी विकास कुमार ने बताया कि दुर्घटना में मृत्यु से संबंधित सहायता राशि के लिए पोस्टमार्टम की रिपोर्ट व प्राथमिकी आवश्यक है। जिला परिवहन पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि बिहार वाहन दुर्घटना सहायता निधि के लिए जिले को 40 लाख रुपए उपलब्ध कराए गए हैं।

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संभावित दुर्घटना स्थल होंगे चिह्रित

-बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि संभावित सड़क दुर्घटना स्थल की पड़ताल करें। इसके अलावा दुर्घटनाओं को कम करने के उपाय, ब्लैक स्पाट की मैपिग, मुख्य सड़क/हृ॥ पर से साइनेजेज लगाने, दुर्घटना से मृत्यु/घायल होने पर मुआवजा, अच्छे मददगार (गुड सिमरेटन) को प्रोत्साहन राशि तथा पुरस्कृत करने, सुरक्षित स्कूल वाहन का परिचालन, मोटर ट्रेनिग स्कूल का संचालन, मुख्यमंत्री परिवहन योजना की समीक्षा तथा समिति के सदस्यों के सुझाव सहित अन्य महत्वपूर्ण मामलों पर विचार विमर्श किया गया।

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योजना की मुख्य बातें: एसडीओ होंगे दावा जांच अधिकारी

-जिला परिवहन पदाधिकारी विकास कुमार ने कहा कि 15 सितंबर को इस योजना को लेकर अधिसूचना जारी हुई है। अनुमंडल क्षेत्र के एसडीओ इसके दावा जांच अधिकारी होते हैं। आवेदन एसडीओ या डीटीओ कार्यालय में देना है। किसी भी वाहन से दुर्घटना होने पर योजना लाभ मान्य होगी। योजना पूरे बिहार प्रदेश के लिए है।