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बेलागंज में पुलिस और ग्रामीणों के बीच झड़प, नौ पुलिसकर्मी सहित कई ग्रामीण हुए चोटिल

मेन थाना अंतर्गत आढ़तपुर गांव के समीप मंगलवार को मोरहर नदी में बंदोबस्त घाट के सीमांकन करने गए अधिकारियों व पुलिसकर्मियों के साथ ग्रामीणों की झड़प हो गई।

By JagranEdited By: Published: Tue, 15 Feb 2022 10:47 PM (IST)Updated: Tue, 15 Feb 2022 10:47 PM (IST)
बेलागंज में पुलिस और ग्रामीणों के बीच झड़प, नौ पुलिसकर्मी सहित कई ग्रामीण हुए चोटिल

संवाद सूत्र, बेलागंज : मेन थाना अंतर्गत आढ़तपुर गांव के समीप मंगलवार को मोरहर नदी में बंदोबस्त घाट के सीमांकन करने गए अधिकारियों व पुलिसकर्मियों के साथ ग्रामीणों की झड़प हो गई। इस घटना में नौ पुलिसकर्मी सहित कई ग्रामीण चोटिल हो गए। चोटिल पुलिस कर्मियों का इलाज स्थानीय सीएचसी में कराया गया। जबकि ग्रामीणों का इलाज स्थानीय स्तर पर निजी चिकित्सकों के यहां कराया जा रहा है। खनन विभाग द्वारा मेन थाना के आढ़तपुर गांव के समीप मोरहर नदी में बालू घाट का बंदोबस्ती किया गया है। जिसका विरोध स्थानीय ग्रामीणों द्वारा लगातार किया जा रहा था। पूर्व में भी दो बार घाट के सीमांकन के लिए खनन विभाग एवं अनुमंडल स्तर के अधिकारी उक्त घाट पर पहुंचे थे। लेकिन ग्रामीणों के विरोध के कारण उक्त घाट का सीमांकन नही हो पाया था। मंगलवार को पुन: भारी संख्या में सशस्त्र बल के जवानों के साथ जिला मुख्यालय सहित जिले के कई थानों की पुलिस के साथ सदर एसडीओ के नेतृत्व में उक्त घाट के सीमांकन हेतु पहुंचे थे। जिसका पुन: ग्रामीणों ने विरोध करना शुरू किया। इस दौरान दोनों तरफ से विवाद बढ़ता गया और ग्रामीणों ने पथराव करना शुरू कर दिया। आत्मरक्षार्थ पुलिस द्वारा पांच राउंड आंसू गैस के गोले दागे गए। उसके बाद लाठी चार्ज कर दिया गया। घटना के संबंध में प्रभारी विधि व्यवस्था डीएसपी पीएन साहु ने बताया कि मोरहर नदी में बंदोबस्त बालू घाट का सीमांकन करने गए थे। जहां ग्रामीणों ने विरोध करते हुए रोड़ेबाजी करना शुरू कर दिया। पुलिस द्वारा बचाव में आंसू गैस के गोले दागे गए।

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ये हुए हैं चोटिल

जख्मी पुलिसकर्मियों को मामूली चोट आई हैं। चोटिलों में टिकारी थाना के रंजन प्रसाद, डेल्हा थाना के संजय सिंह, पुलिस लाइन के राजकुमार सिंह, गणेश चौधरी, शशिकांत कुमार, सुनील कुमार, सालू कुमारी, शंभू चौधरी व दीप नारायण कुमार शामिल हैं। वही, घायल ग्रामीणों में फुलवा देवी, अर्चना देवी, राजनती देवी, मंजू देवी, संजीत कुमार, रामबालक यादव, शत्रुधन यादव, इंद्रदेव यादव, गीता देवी, सुनीता देवी, लालसा देवी, सुंदरी देवी, लालती देवी, उला देवी सहित दो दर्जन से अधिक महिला-पुरूष ग्रामीण शामिल हैं।


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