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    बचपन के प्यार को बनाया हमसफर:250 किमी का सफर कर प्रेमी के घर पहुंची, मां-बाप नहीं माने; दादा-दादी ने कराई शादी

    By Jagran NewsEdited By: Deepti Mishra
    Updated: Sat, 25 Mar 2023 08:00 PM (IST)

    अंजली के परिवार को जब दोनों के प्रेम प्रसंग की जानकारी लगी तो उन्होंने इसका विरोध किया। अंजली ने पहले परिवार को समझाने की कोशिश की लेकिन जब वे नहीं माने तो सबको छोड़कर धनबाद से सीधे 250 किलोमीटर का सफर कर राजू के घर निसुरपुर पहुंच गई।

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    अंजली ने बचपन के प्यार राजू से मंदिर में की शादी।

     संवाद सहयोगी, टिकारी (गया): बचपन के प्यार से शादी करने की जिद में प्रेमिका घर-परिवार छोड़कर 250 किलोमीटर दूर प्रेमी के घर पहुंच गई। शुरुआत में विरोध हुआ, लेकिन अंत में दोनों ने मंदिर में शादी कर एक-दूसरे के हो गए। दोस्ती, प्यार और फिर प्यार को मुकम्मल करने की इस कहानी अब चर्चा का विषय बन गई है।

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    झारखंड के धनबाद जिला के मधुवन था धर्माबांध बस्ती के रहने वाले मुकुंद महतो की बेटी अंजली और गया के निसुरपुर गांव निवासी भूषण कुमार का बेटा राजू कुमार एक ही स्कूल में पढ़ते थे। इसी दौरान दोनों में पहले दोस्ती हुई और फिर प्यार हो गया।

    दादा करते थे धनबाद में काम

    25 वर्षीय प्रेमी राजू ने बताया कि उसके दादा सुरेश राम धनबाद में ही कर काम करते थे। दादा के साथ ही पूरा परिवार धनबाद में रहता था। स्कूल में पढ़ने के दौरान ही वह और अंजली के एक-दूसरे के संपर्क में आए। उम्र बढ़ने के साथ-साथ उनका प्रेम गहरा होता गया, लेकिन पारिवारिक कारणों से कुछ महीने पहले उसे अपने पैतृक गांव लौट आया था।

    नहीं माने परिवार वाले तो छोड़ दिया घर

    अंजली के परिवार को जब दोनों के प्रेम प्रसंग की जानकारी लगी तो उन्होंने इसका विरोध किया। इसका मुख्य कारण दोनों का सजातीय न होना भी है। अंजली ने पहले परिवार को समझाने की कोशिश की, लेकिन जब वे नहीं माने तो सबको छोड़कर धनबाद से सीधे 250 किलोमीटर का सफर कर राजू के घर निसुरपुर पहुंच गई। अंजली को वहां देखकर राजू के परिवार वाले हैरान हो गए।

    इधर सूचना मिलने पर अंजली के परिवार वाले भी राजू के घर पहुंच गए और बेटी को अपने साथ ले जाने की कोशिश करने लगे, लेकिन अंजली अपनी जिद पर अड़ी रही और वापस जाने से साफ इनकार कर दिया। तब राजू के दादा सुरेश राम और दादी देवपड़ी ने प्रेमी जोड़े की शादी कराने का फैसला लिया।

    इसके बाद दादा-दादी दोनों को साथ लेकर पंचानपुर ओपी पहुंचे, जहां ओपी अध्यक्ष राम राज सिंह ने दोनों के आधार कार्ड से उम्र का सत्यापन कर मंदिर में शादी करने की इजाजत दे दी। स्थानीय सूर्य मंदिर में दोनों ने एक-दूसरे से जीवन का साथ निभाने का वादा कर शादी कर ली और पति-पत्नी बन गए।

    प्रेमिका ने किया पीजी पास, प्रेमी 12वीं तक ही पढ़ा

    अंजली ने बताया कि जब वह क्लास 6 में पढ़ती थी, तब से दोनों के बीच दोस्ती थी, जो जल्द ही प्यार में तब्दील हो गई थी। अंजली ने पोस्ट ग्रेजुएशन तक पढ़ाई की है, जबकि राजू 12वीं पास कर ही कामकाज में जुट गया था। प्रेमी जोड़े की यह शादी चर्चा का विषय बनी है। राजू ने मीडिया को बताया कि अंजली ने जिस तरह अपना घर छोड़कर मेरा हाथ थामा है, उससे उसके परिजन नाराज है, इसलिए हम दोनों ने कोर्ट मैरिज की है।