यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 24, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
अमृतसर-कोलकाता इंडस्ट्रियल कॉरिडोर से उद्योग जगत में आएगी क्रांति, 7 राज्यों को मिलेगा लाभ; 1839 KM का होगा ट्रैक
अमृतसर-कोलकाता इंडस्ट्रियल कॉरिडोर से उद्योग जगत में क्रांति आने के पूरे आसार हैं। गया जिले में इस कॉरिडोर के लिए ...और पढ़ें

HighLights
- अमृतसर-कोलकाता इंडस्ट्रियल गलियारे को पूर्व में मिल चुकी स्वीकृति
- इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के लिए 1650 एकड़ भूमि की जाएगी अधिग्रहित
- लगभग एक हजार औद्योगिक इकाइयां लगने से लोगों को मिलेगा रोजगार
नीरज कुमार मिश्र, डोभी (गया)। अमृतसर-कोलकाता इंडस्ट्रीज गलियारा (Amritsar Kolkata Industrial Corridor) गया जिले के डोभी प्रखंड से होकर गुजरेगा। इसके लिए जिला मुख्यालय से 40 किमी दूर खरांटी पंचायत में दस मौजों की 1650 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है। इनमें 1113.92 एकड़ जमीन में मैन्युफैक्चरिंग कलस्टर बनाया जाएगा।
लक्ष्य लगभग एक हजार एक हजार औद्योगिक इकाइयों की स्थापना का है। बची हुई जमीन पर सड़क, खुली जगह व यूटिलिटी सर्विस सेंटर बनेंगे। अधिग्रहित जमीन के साठ प्रतिशत से अधिक जमीन को ग्रीन एरिया रखने का लक्ष्य है। यह गलियारा बिहार के अलावा पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, झारखंड और पश्चिम बंगाल से गुजरेगा।
सात राज्यों के 20 शहरों को होगा लाभ
इससे देश के सात राज्यों के बीस शहरों को सीधा लाभ होगा। इसमें बिहार का गया भी शामिल है। देश के बीसों शहर उद्योग के मामले में बहुत महत्वपूर्ण माने जाते हैं। केंद्र सरकार इस गलियारे की स्वीकृति पूर्व में दे चुकी है। गलियारा बनाने का लक्ष्य रोजगार के लिए लोगों का पलायन रोकना है।
गलियारों से जुड़े शहरों में इस तरह के उद्योग लगेंगे
गलियारे से जुड़े शहरों के आसपास सोलर प्लांट, प्लास्टिक हब, इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर के साथ खाद्य प्रसंस्करण, वस्त्र, आटो पार्ट्स, मशीनरी और इलेक्ट्रानिक उद्योग लगने की संभावना है। इस गलियारे का विस्तार संभवतः चार चरणों में होना है।
गया में खरांटी, गम्हरिया, मसौंधा, इनबोरबा, बभनदेव, गांगी, बरिया, वनवासी, गाजीचक, सुगासोत मौजे की जमीन है। इस गलियारे का ट्रैक 1839 किलोमीटर होगा। इसके लिए अलग रेलवे लाइन पर स्पेशल गुड्स ट्रेनें चलेंगी। इस गलियारे को जीटी रोड से जोड़ने के लिए तीन फोर लेन सड़कें भी बनवाई जाएंगी।
