सुगौली को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने की जरूरत
सुगौली में प्रेस क्लब के तत्वावधान में लगातार छठे वर्ष भी सुगौली संधि उत्सव मनाया गया। इस आयोजन में स्थानीय गण्यमान्य लोगों के अलावा नेपाल से भी पत्रकारों का दल शामिल हुआ। 4 मार्च 1816 को सीमांकन को लेकर सुगौली में हुई भारत और नेपाल के बीच संधि का सुगौली गवाह रहा है।

मोतिहारी । सुगौली में प्रेस क्लब के तत्वावधान में लगातार छठे वर्ष भी सुगौली संधि उत्सव मनाया गया। इस आयोजन में स्थानीय गण्यमान्य लोगों के अलावा नेपाल से भी पत्रकारों का दल शामिल हुआ। 4 मार्च 1816 को सीमांकन को लेकर सुगौली में हुई भारत और नेपाल के बीच संधि का सुगौली गवाह रहा है। सुगौली में हुई इस संधि से सुगौली को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली। जिसके उपलक्ष्य में संधि के 206 वर्ष पूरा होने पर छठा महोत्सव मनाया गया। इस दौरान प्रेस क्लब के सदस्यों द्वारा कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय के परिसर में विद्यालय धनही के छात्रों के बीच उनके मातृभूमि के महत्व से परिचय कराया गया। मीडिया फॉर बॉर्डर हरोमोनी के बैनर तले आयोजित इस कार्यक्रम में सुगौली के इस ऐतिहासिक महत्व के आयोजन को सरकारी स्तर पर किए जाने सहित इसके महत्व को बच्चों के पाठ्यक्रम में जोड़ने पर बल दिया गया। इसके महत्ता पर प्रकाश डालते हुए प्रेस क्लब के सदस्यों ने इसके साथ सुगौली में कई अन्य ऐतिहासिक महत्व के धरोहरों को संरक्षित करने के साथ साथ पर्यटन के दृष्टिकोण से इसके विकास करने की जरूरत बताई। कार्यक्रम में मीडिया फार बार्डर हरोमोनी के संस्थापक सदस्य अमरेंद्र तिवारी, जिलाध्यक्ष नवेंदु कुमार सिंह, शिवेश झा, दुर्गा भास्कर, द्वारिकानाथ मिश्रा, बीरेंद्र कुमार गुप्ता, मो.आसिफ रसूल, मृत्युंजय पांडेय, अमित कुमार सिंह, अभिनव अभिषेक, सोनू कुमार गुप्ता, अमरुल आलम, मुन्ना कुमार कुशवाहा आदि ने विद्यालय के छात्रों के बीच सुगौली संधि के महत्व पर प्रकाश डाला। समाजसेवी रेयाजुल हक मुन्ना ने पत्रकारों को शाल ओढ़ा सम्मानित किया। विद्यालय के प्रधानाध्यापक अरुण कुमार सिंह, शिक्षिका नीलिमा कुमारी, राजकिशोर तिवारी, वीरेंद्र कुमार, रेणु कुमारी, विमल कुमारी, बबिता कुमारी आदि ने भी छात्रों को उनकी जन्मभूमि के महत्व को रेखांकित किया।
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