मोतिहारी। सिकरहना नदी की तेज धारा के चलते प्रखंड की दक्षिणी मनसिघा पंचायत के गांवों में दर्जनभर लोगों के घर नदी में विलीन हो गए। साथ ही कटाव भी जारी है। सिकरहना नदी में बढ़ती जलधारा से कई घरों के चारों तरफ पानी है। पीड़ित कई लोग घर के अंदर रहने को विवश हैं तो कई मचान बनाकर गुजर कर रहे हैं। वहीं कई अपने घर के सामान हटा रहे हैं। घर से बाहर जाने के लिए एकमात्र नाव ही सहारा है। पानी में चारों ओर से घिरे धर्मेंद्र गुप्ता, रामायण सहनी, चन्दर सहनी, विधायक कुमार, सिकंदर सहनी, जवाहर सहनी, पारस सहनी, राज सहनी, सूरज सहनी ने बताया कि बड़ी परेशानी हो गई है। हमलोगों के सामने भूखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गई है। वहीं नदी किनारे बसा गांव, लक्ष्मीपुर, कोना, नयका टोला सहित अन्य जगहों पर सिकरहना नदी अपना रौद्र रूप में आकर कटाव तेज कर दी है। इससे दर्जन भर लोगों के मकान कटाव से नदी में विलीन हो गए। तेज कटाव को देख स्थानीय लोग अपने मकान की सामग्री को बचाने में लगे हैं। नदी जिस गति से कटाव कर रही तो अंदेशा है कि भारी संख्या में लोगों के मकान को अपने आगोश में ले लेगी। के मकान सहित कई मकान पर कटाव का खतरा मंडरा रहा है। नदी के कटाव को देख ग्रामीणों में दहशत का आलम है। प्रखंड मुखिया संघ अध्यक्ष अंगद चौरसिया,मुखिया कलावती देवी, प्रतिनिधि हरेन्द्र सहनी,पंसस एकराम हुसैन,अंगद सहनी, शिवकुमार सहनी सहित कई लोगों ने बताया कि गांव के लोग बाढ़ व नदी के कटाव से दहशत व बेचैन है। लेकिन अब तक कोई भी अधिकारी हमलोगों को देखने तक नहीं है। हमलोगों का जीना मुश्किल हो गया है। स्थानीय मुखिया कलावती देवी ने बताया कि बाढ़ व नदी से हो रही कटाव की सूचना स्थानीय प्रशासन को दे दी गई। पीड़ितों का हर संभव मदद किया जाएगा। इसके लिए अधिकारियों से संपर्क किया जा रहा है।

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