पाकिस्तान में बैठकर भारतीयों के बैंक खाते कर रहे खाली, बिहार में साइबर क्राइम के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़
मोतिहारी पुलिस ने पाकिस्तानी संपर्कों से जुड़े एक बड़े साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह भारतीय बैंक ...और पढ़ें
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साइबर अपराध के शिकार की एआई फोटो
HighLights
मोतिहारी में पाकिस्तानी संपर्कों से जुड़े साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़।
भारतीय बैंक खातों और क्यूआर कोड से करते थे वित्तीय लेन-देन।
पुलिस ने दो साइबर बदमाशों को गिरफ्तार कर डिजिटल साक्ष्य जुटाए।
संवाद सहयोगी, मोतिहारी। नगर थाना की पुलिस ने पाकिस्तानी संपर्कों के जरिए साइबर ठगी और संदिग्ध वित्तीय लेन-देन का नेटवर्क संचालित किए जानेवाले गिरोह का खुलासा किया है।
पुलिस ने बेलिसराय मोहल्ला में शुक्रवार की आधी रात छापेमारी कर गिरोह से जुड़े दो साइबर बदमाशों को गिरफ्तार किया है।पुलिस के अनुसार गिरफ्तार दोनों शातिर पाकिस्तानी नागरिकों के संपर्क में थे।
भारतीय बैंक खातों व क्यूआर कोड के माध्यम से ठगी की रकम का लेन-देन कर रहे थे। इनके सेलफोन से पाकिस्तानी व्हाट्सएप नंबर, संदिग्ध चैट और वित्तीय लेन-देन से जुड़े डिजिटल साक्ष्य मिले हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस जांच का दायरा बढ़ा रही है।
पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने शनिवार को बताया कि सदर-वन के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी दिलीप कुमार के नेतृत्व में गठित विशेष पुलिस टीम ने शुक्रवार की रात शहर के बेलिसराय मोहल्ला के इलाके में दो अलग-अलग मकानों पर छापेमारी की।
बेलिसराय के अशोक कुमार गुप्ता और धीरज वर्मा के मकान में दोनों बदमाश किराए पर रह रहे थे। गुप्त सूचना मिलने के बाद पुलिस ने दोनों ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
किराये के मकान से फैलाया था नेटवर्क
पुलिस के हत्थे चढ़े दोनों आरोपित पूर्वी चंपारण जिले के निवासी हैं। एक डुमरियाघाट थाना क्षेत्र के सेम्मुआपुर निवासी पंकज गुप्ता है। वहीं दूसरा संग्रामपुर थानाक्षेत्र के श्यामपुर बरवा निवासी राजू कुशवाहा उर्फ राजू कुमार भगत (22) बताया गया है। दोनों बेलिसराय में किराये के मकान में रहकर नेटवर्क संचालित कर रहे थे।
पाकिस्तानी नंबरों से संपर्क, भारतीय खातों से रकम का खेल
प्रारंभिक जांच में दोनों के पाकिस्तानी नागरिकों के संपर्क में रहने की बात सामने आई है। पाकिस्तानी संपर्कों के निर्देश पर भारतीय बैंक खातों और क्यूआर कोड के जरिए रकम मंगाने और आगे ट्रांसफर करने का काम किया जाता था।
उनके पास से जब्त मोबाइल की जांच में पाकिस्तानी व्हाट्सएप नंबर और संदिग्ध चैट मिले हैं। अब यह पता लगाया जा रहा है कि इस नेटवर्क में कितने बैंक खाते और लोग शामिल हैं। अबतक कितनी राशि का लेन-देन हुआ है।
पांच डेबिट कार्ड और दो मोबाइल के जरिए पुलिस गिरोह का हर कनेक्शन खंगाल रही है। इनके पास से मिले कार्ड में फेडरल बैंक के तीन, आइडीएफसी फर्स्ट बैंक का एक और बैंक ऑफ इंडिया का एक कार्ड शामिल है।
कार्डों पर राजू कुमार और राजू कुमार भगत के नाम दर्ज हैं। पुलिस को आशंका है कि इन खातों का इस्तेमाल ठगी की रकम निकालने के लिए किया जाता था।
पाकिस्तान से लेकर बैंक खातों तक कनेक्शन खंगाल रही पुलिस
पुलिस अब दोनों के सेलफोन बैंक खातों, विभिन्न बैंकों के डेबिट कार्ड और डिजिटल ट्रांजेक्शन की गहन जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि पाकिस्तानी संपर्कों के पीछे कौन लोग हैं, ठगी की रकम किन खातों में पहुंचती थी।
इस नेटवर्क का कनेक्शन किन-किन राज्यों तक फैला है। मामले में अन्य संदिग्धों की भूमिका भी खंगाली जा रही है। छापेमारी में सदर वन एसडीपीओ दिलीप कुमार के साथ इंस्पेक्टर राजीव रंजन, दारोगा केवी हनुमंता, संतोष कुमार, सतीश कुमार, संतोष कुमार, जमादार भीम यादव पुतुल कुमारी सहित अन्य शामिल थे।
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