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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 17, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Bihar News: ऑपरेशन के दौरान महिला के पेट में छोड़ दिया तौलिया, पति की शिकायत पर डॉक्टर गिरफ्तार; अस्पताल सील

Published: Sun, 17 Aug 2025 07:38 PM (GMT+05:30)

डीएम के निर्देश पर ढाका में नीडो हॉस्पिटल को सील कर दिया गया और एक महिला डॉक्टर को गिरफ्तार किया ...और पढ़ें

डीएम के निर्देश पर ढाका में नीडो हॉस्पीटल को किया गया शील
डीएम के निर्देश पर ढाका में नीडो हॉस्पीटल को किया गया शील

HighLights

  1. नीडो हॉस्पिटल ढाका सील |
  2. महिला चिकित्सक बुसरा गिरफ्तार |
  3. मानक अनुरूप नहीं था अस्पताल |

संवाद सहयोगी, सिकरहना। डीएम सौरभ जोरवाल के निर्देश पर रविवार को ढाका में आजाद चौक ढाका पर नीडो हॉस्पिटल को प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा शील कर दिया गया है। पुलिस ने इस मामले में एक महिला चिकित्सक बुसरा को गिरफ्तार कर अस्पताल को शील करने की कार्रवाई की है।

अस्पताल मेें मानक अनुरूप शल्य चिकित्सा का सिस्टम नहीं था। जन शिकायत के आलोक में डीएम के द्वारा जिला सिविल सर्जन एवं अनुमंडल प्रशासन से जांच कराने का निर्देश दिया था।

दोनों स्तर पर जांच के दौरान टीम ने रिपोर्ट में कहा था कि नीडो अस्पताल में शल्य चिकित्सा करने के लिए मानक नहीं है। बगैर मानक का मरीजों का ऑपरेशन व शल्य चिकित्सा किया जा रहा था।

जिलाधिकारी ने 16 अगस्त को पत्र निर्देशित करते हुए त्वरित कार्रवाई का निर्देश दिया था। अस्पताल को शील करने में एसडीओ साकेत कुमार, उपाधीक्षक कर्नल नन्दकिशोर साह, बीडीओ डॉ इस्माईल अंसारी एवं थानाध्यक्ष राजरूप राय शामिल हैं।

दूसरे संस्थानों में भी दहशत का माहौल

प्रशासनिक कार्रवाई के बाद फर्जी रूप से संचालित करने वाले कई संस्थान के संचालक ताला लगाकर फरार होने लगे। एसडीओ साकेत कुमार ने बताया कि जांच रिपोर्ट के बाद डीएम के द्वारा नीडो अस्पताल को शील करने का निर्देश प्राप्त हुआ था।

जिसके आलोक में प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए अस्पताल को शील कर दिया गया है। यह अस्पताल किराये के मकान में संचालित था। इधर नीडो अस्पताल के संचालक द्वारा प्रशासन से कार्रवाई से संबंधित साक्ष्य मांगने पर उपलब्ध नही कराने का आरोप लगाया गया है।

क्या है पूरा मामला?

लेकर ढाका थाना क्षेत्र के पिपरा वाजिद गांव निवासी पीड़ित अमरेन कुमार की पत्नी उषा देवी एक गर्भवती महिला थीं। वह इलाज कराने के लिए वर्ष 2024 में नीडो अस्पताल में पहुंची थीं, जहां पर चिकित्सक तारिक जफ्फर के द्वारा बीयुएमएस बीयु के द्वारा ऑपरेशन किया गया और इस दौरान पेट में तौलिया छोड दिया गया।

अमरेन ने बताया कि एक माह बाद मेरी पत्नी को काफी दर्द हुआ तो मोतिहारी, पटना, दिल्ली, मुंबई सहित कई जगहों पर इलाज के दौरान डाक्टरों द्वारा बताया गया कि पेट के अंदर तौलिया छोड़ दिया गया है।

इस मामले में पुलिस ने 4 जुलाई को प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू की थी और जांच के दौरान पीड़ित के पति ने प्रशासनिक स्तर पर न्याय की गुहार लगाई।

जिसके बाद प्रशासनिक कार्रवाई तेज हो गया। पुलिस अनुसंधान एवं जांच टीम के रिपोर्ट में कई और चिकित्सक के नाम सामने आने के बाद पुलिस ने डॉ बुसरा को गिरफ्तार कर लिया है।