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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 26, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

किसानों की आय कैसे दोगुनी होगी, जन सुराज पदयात्रा पर निकले प्रशांत किशोर ने बताया पूरा फार्मूला

By Jagran NewsEdited By: Ajit kumar
Published: Sat, 26 Nov 2022 10:54 AM (IST)

Bihar Politics जन सुराज पदयात्रा के क्रम में प्रशांत किशोर इन दिनों पूर्वी चंपारण में हैं। यहां के किसानों ने ...और पढ़ें

उन्होंने कहा कि हमारे विकास के माडल में कुछ ऐसा ही होगा। फोटो: जागरण
उन्होंने कहा कि हमारे विकास के माडल में कुछ ऐसा ही होगा। फोटो: जागरण

मोतिहारी, जासं। प्रशांत किशोर ने कहा कि अगर राज्य में कोल्ड स्टोरेज की व्यवस्था हो जाए। साथ में मंडी सुचारु रुप से संचालित हो तो किसानों को बेहद फायदा होगा। इससे उनकी आय दोगुनी बढ़ जाएगी। उक्त बातें जन सुराज पदयात्रा के दौरान शनिवार को उन्होंने रोशनपुर सपहा स्थित कैंप में पत्रकारों से कही। कहा कि जब वे किसानों से बात कर रहे थे तो उन्हें बताया गया कि यह इलाका हल्दी के लिए बेहद उपजाऊ क्षेत्र है। राज्य की हर पंचायत में कुछ न कुछ अलग करने की संभावना है। इसलिए हर पंचायत के लिए 10 साल के विकास की एक रूपरेखा तैयार की जानी चाहिए। जिससे वहां का विकास हो सके।

बिहार में बना दिया मजदूरों की फैक्‍ट्री 

बिहार सरकार ने सूबे में कोई और फैक्टरी तो लगाई नहीं, लेकिन बिहार को मजदूरों की फैक्ट्री जरूर बना दिया। किसी भी राज्य को मजदूर चाहिए होता है तो वे कहते हैं कि बिहार से पकड़ कर ले आओ। कहा कि बीपीएससी और सरकारी नौकरियों को लेकर जितनी तरह की प्रक्रिया चल रही है, उसकी विश्वसनीयता को लेकर बहुत बड़ा प्रश्न पिछले कई सालों के आधार पर लोगों के मन में है। सरकारी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तो छोड़िए, पढ़ाई भी नहीं हो रही है। एक विद्यालय में छात्राओं ने उन्हें दिखाया कि कैसे उन्हें मिड-डे-मील में कीड़े वाली खिचड़ी दी जाती है। शिक्षक 11 बजे विद्यालय आते हैं।

स्कूल की छुट्टी दोपहर एक बजे हो जाती है। वह विद्यालय उस क्षेत्र का सबसे अच्छा सरकारी स्कूल माना जाता है। हम इसका वीडियो भी शीघ्र जारी करेंगे। वहीं ज्यादातर गांवों में सरकारी कागज पर ही अस्पताल है। जिले के अरेराज, पहाड़पुर व तुरकौलिया प्रखंड में हजारों एकड़ गैर मजरूआ जमीन है। जिसे खाता नंबर 82 376 के नाम से भी जानते हैं। 2016 के बाद बेतिया राज की वह जमीन जिस पर लोगों का मालिकाना हक जो वर्षों से है, उसका दाखिल खारिज नहीं हो रहा है। उन्होंने प्रखंड क्षेत्र की विभिन्न पंचायतों में भ्रमण किया।