Bihar: पूर्वी चंपारण के ICICI बैंक शाखा को महज 6 मिनट में लूट रफूचक्कर हो गए बदमाश, 18 लाख पर साफ किया हाथ
पूर्वी चंपारण के डुमरियाघाट के सरोतर बाजार में आईसीआईसीआई बैंक की शाखा में गुरुवार को दिन-दहाड़े हुई 18 लाख 71 हजार रुपये की लूट ने आम आदमी के साथ-साथ पुलिस के कान खड़े कर दिए हैं। लोगों से पटे रहने वाले सरोतर बाजार की बैंक की शाखा से महज छह मिनट में लूट की घटना को अंजाम सभी बदमाश आराम से भाग निकले।

पूर्वी चंपारण, संवाद सहयोगी: पूर्वी चंपारण के डुमरियाघाट के सरोतर बाजार में आईसीआईसीआई बैंक की शाखा में गुरुवार को दिन-दहाड़े हुई 18 लाख 71 हजार रुपये की लूट ने आम आदमी के साथ-साथ पुलिस के कान खड़े कर दिए हैं।
लोगों से पटे रहने वाले सरोतर बाजार की बैंक की शाखा से महज छह मिनट में लूट की घटना को अंजाम सभी बदमाश फायरिंग करते हुए आराम से भाग निकले। घटना की पूरी जानकारी मिलने के बाद सरोतर के लोगों में खौफ का आलम है। लोगों का कहना था इस तरह से बेखौफ बदमाशों को देखकर डर लगने लगा है।
सभी बदमाशों के हाथ में था हथियार
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बाइक पर सवार बदमाश चार की संख्या में बैंक परिसर में घुसे थे। बाहर बाइक लगाई और किराए के मकान में पहली मंजिल स्थित बैंक की शाखा के अंदर दाखिल हो गए। उस समय कुल छह बैंक कर्मियों के अलावा करीब दो तीन की संख्या में ग्राहक अंदर मौजूद थे।
सभी बदमाशों के हाथों में पिस्टल थी। एक बदमाश ने दो पिस्टल हाथ में रखा था। बदमाशों के हाथों में नंगे हथियार देखकर लोग पहले से सहमे थे और जब बदमाशों ने हवाई फायरिंग की तो सबके होश उड़ गए। लोगों के डरे-सहमे होने के कारण बदमाशों को रास्ता मिल गया।
बिना बंदूक का गार्ड नहीं कर पाया बदमाशों का सामना
बैंक लूटने आए सभी बदमाशों ने मास्क लगा रखा था। चेहरा गमछे से ढंका था। अंदर आने के बाद बदमाशों ने सबसे पहले बैंक के गार्ड को अपने कब्जे में लिया। गार्ड के पास हथियार नहीं था और बदमाशों के हथियार के आगे वह कुछ भी नहीं कर सका।
बैंक के अंदर जाने के बाद दो बदमाशों ने मैनेजर और कैशियर की कनपट्टी पर तमंचा भिड़ाया और उनसे लॉकर रूम खुलवाकर उसमें रखा कैश 18.71 लाख लूट लिया। इस बीच दो बदमाशों ने बैंक के अंदर मौजूद ग्राहक और कर्मियों को अपने कब्जे में रखा।
घटना में स्थानीय लाइनर की भूमिका आई सामने
बताया गया है कि बदमाश बाहर निकलने के साथ हवाई फायरिंग करते हुए सेमुआपुर गांव के रास्ते से भाग निकले। सभी बेलवा की ओर से आए थे। इस बीच पुलिस द्वारा बैंक में लगे क्लोज सर्किट टेलीविजन कैमरे की जांच में बदमाशों की पहचान हुलिए के आधार पर की गई है।
घटना में मुजफ्फरपुर के साहेबगंज और गोपालगंज जिले के बदमाशों के शामिल होने की बात सामने आ रही है। वहीं बदमाशों के गिरोह में स्थानीय व्यक्ति के भी शामिल होने की बात बताई जा रही है। स्थानीय व्यक्ति ने ही पूरी घटना में लाइनर का काम किया है।
एएसपी के नेतृत्व में बनी एसआईटी
पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्र ने घटना की गंभीरता को देखते हुए अपर पुलिस अधीक्षक श्री राज के नेतृत्व में विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। टीम में चकिया और अरेराज के पुलिस उपाधीक्षकों के साथ-साथ जिले के तेज-तर्रार पुलिस निरीक्षक व दारोगा को लगाया गया है। एसआईटी ने जिले के अलावा पड़ोसी जिलों में भी कई संदिग्ध ठिकाने खंगाले हैं। हालांकि देर शाम तक किसी के पकड़े जाने की सूचना नहीं है।
आईसीआईसीआई बैंक बदमाशों के सॉफ्ट टारगेट पर
बता दें कि चकिया अनुमंडल में स्थित आईसीआईसीआई बैंक की शाखाएं बदमाशों के साफ्ट टारगेट पर हैं। पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था को इस अनुमंडल में लगातार चुनौती मिल रही है। डुमरियाघाट थानाक्षेत्र स्थित सरोतर शाखा से 18.71 लाख लूटने से पहले 12 अप्रैल 2023 को दिन-दहाड़े चकिया थानाक्षेत्र के बजरंगी चौक स्थित आईसीआईसीआई बैंक से 48 लाख की लूट हो गई थी। लगातार कार्रवाई के बाद पुलिस अबतक उस लूटकांड में अभी 11 लाख की ही बरामदगी कर पाई थी और नौ बदमाशों की गिरफ्तारी हुई थी तभी सरोतर में लूट हो गई।
बदमाशों को मिल रही सटीक सूचना
सरोत्तर में हुई घटना ने जब चकिया बैंक लूटकांड की याद दिलाई तो यह बात सामने आई कि बदमाशों ने बैंकों के बंद होने का समय ही लूट के लिए तय किया था। कारण यह कि चकिया में बैंक लूट करीब 3:50 में हुई थी। वहां बदमाश बैंक बंद होने से पहले अंदर प्रवेश कर गए थे और करीब दस मिनट के बीच घटना को अंजाम देकर निकल गए थे।
बताते हैं कि उस समय बैंक के कैश काउंटर पर कैश मिलाया जा रहा था। सरोतर में गुरुवार को हुई लूट की घटना में भी बदमाशों ने समय बैंक बंद होने का ही चुना। बताया गया है कि यहां बदमाश करीब 2:55 में बैंक के अंदर दाखिल हुए और छह मिनट में घटना को अंजाम देकर निकल गए।
जानकार बताते हैं कि बैंक खुलने व बंद होने के समय बैंक में ग्राहकों की भीड़ कम होती है। ऐसे में बदमाश इस वक्त को चुनते हैं। अब सवाल यह खड़ा हो गया है कि बैंक में बड़ी राशि होने की जानकारी बदमाशों को कैसे मिल रही है। एक ही अनुमंडल में एक ही बैंक की दो शाखाओं में हुई लूट ने कई सवालों को जन्म दिया है। पुलिस सभी तथ्यों की पड़ताल कर रही है।
एफएसएल की टीम बुलाई गई जांच के लिए
मामले की जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) की टीम मौके पर बुलाई गई है। बताया गया है कि घटना के बाद मौके पर कुछ नोट बिखरे मिले हैं। पुलिस वैज्ञानिक विधि से यह जानना चाह रही है कि आखिर लूटवाले स्थान पर घटना के वक्त कौन-कौन लोग मौजूद थे।
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