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    ठंंड में हृदय, बीपी, स्ट्रोक और सांस के मरीजों के लिए खतरा बढ़ा, जानें बचाव के उपाय

    By Rahul Kumar Gupta Edited By: Dharmendra Singh
    Updated: Sun, 04 Jan 2026 08:39 PM (IST)

    Bihar Latest news : सर्दियों का मौसम हृदय, ब्लड प्रेशर, ब्रेन स्ट्रोक और सांस के मरीजों के लिए खतरनाक है। दरभंगा के डीएमसीएच में ऐसे रोगियों की संख्या ...और पढ़ें

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    दरभंगा के डीएमसीएच में मरीजों का चल रहा इलाज। जागरण

    संवाद सहयोगी, दरभंगा। सर्दियों का मौसम हृदय, ब्लड प्रेशर, ब्रेन स्ट्रोक, हार्ट अटैक और सांस की बीमारियों वाले मरीजों के लिए गंभीर खतरे का समय भी है। डीएमसीएच के चिकित्सकों का कहना है कि ठंड में रक्तचाप और हृदय संबंधी समस्याएं अचानक बढ़ सकती हैं, जिससे स्वास्थ्य पर सीधा असर पड़ता है।

    खासकर बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। विशेषज्ञों के अनुसार, गर्म कपड़े पहनना, बाहर जाने में सावधानी बरतना, दवाइयां समय पर लेना और भारी व्यायाम से बचना जीवन रक्षक कदम हो सकते हैं।

    डीएमसीएच में हृदय, बीपी और सांस के मरीज बढ़े

    ठंड बढ़ने से डीएमसीएच में सामान्य मरीजों की संख्या घट गई है। जबकि हृदय, बीपी व सांस संबंधी रोगियों में इजाफा हुआ है। इसका असर डीएमसीएच में साफ तौर पर देखने को मिल रहा है।

    ठंड बढ़ने के कारण जहां सामान्य रोगियों की संख्या में कमी आई है। वहीं हृदय रोग, उच्च रक्तचाप (बीपी), सांस लेने में तकलीफ, ब्रेन स्ट्रोक और हार्ट अटैक से पीड़ित मरीजों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है।

    हालात इतने खराब हैं कि अस्पताल में कई मरीजों का इलाज जमीन पर लेटाकर किया जा रहा है। डीएमसीएच सूत्रों के अनुसार पिछले दो दिनों के भीतर हृदय रोग से पीड़ित दो मरीजों की मौत हो चुकी है।

    चिकित्सकों का कहना है कि वर्तमान समय में डीएमसीएच में प्रतिदिन आने वाले लगभग सौ मरीजों में से 20 से 25 मरीज ब्रेन स्ट्रोक और हार्ट अटैक के मामले के होते हैं, जो ठंड के कारण गंभीर स्थिति में अस्पताल पहुंच रहे हैं।

    रविवार को डीएमसीएच के मेडिसिन-टू वार्ड में डा. पीएम श्रीवास्तव की यूनिट में हृदय रोग से पीड़ित कई मरीज भर्ती किए गए। इनमें समस्तीपुर सदर अस्पताल से रेफर होकर आए समस्तीपुर जिले के नगर थाना क्षेत्र के काशीपुर निवासी स्वर्गीय भगवान साह के पुत्र दुर्गा साह (73) ने बताया कि वे कई दिनों से सीने में दर्द की समस्या से परेशान हैं, जिसके बाद उन्हें डीएमसीएच रेफर किया गया।

    मधुबनी जिले के नगर थाना क्षेत्र के मधुबनी निवासी स्वर्गीय शिवकांत झा के पुत्र शोभाकांत झा (75 ) ने बताया कि उन्हें सांस लेने में दिक्कत, दम फूलने और ठंड के कारण सिर दर्द की गंभीर समस्या हो रही है, जिसको लेकर इलाज के लिए भर्ती हुए हैं।

    मेडिसिन-टू वार्ड की स्थिति काफी चिंताजनक बताई जा रही है। वार्ड में बेड की भारी कमी के कारण कई मरीजों को फर्श पर ही लेटाकर इलाज किया जा रहा है। जमीन पर इलाज कराने वाले मरीजों में दुर्गा साह और शोभाकांत झा भी शामिल हैं।

    भीषण ठंड के बीच इस तरह की व्यवस्था मरीजों और उनके स्वजन के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। चिकित्सकों का कहना है कि ठंड के मौसम में बुजुर्गों और पहले से हृदय, बीपी व सांस की बीमारी से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। ठंड के कारण रक्तचाप और हृदय संबंधी समस्याएं अचानक गंभीर रूप ले लेती हैं, जिससे ब्रेन स्ट्रोक और हार्ट अटैक के मामले बढ़ जाते हैं।

    सावधानी के कुछ आसान उपाय

    • भारी व्यायाम और अचानक जोर लगाने से बचें।
    • नियमित दवा समय पर लें और ब्लड प्रेशर व शुगर की जांच रखें।
    • घर और बाहर गर्म कपड़े पहनें, खासकर हाथ, पैर और सिर को ढककर रखें।
    • अत्यधिक ठंड में बाहर जाने से बचें और यदि जाना जरूरी हो तो धीरे-धीरे बाहर निकलें।