सही योजना, विश्वास और कड़ी मेहनत से मिलती सफलता
दरभंगा। कोरोना का संक्रमण हर क्षेत्र के लिए चुनौती बन रहा है। लेकिन शिक्षा के क्षेत्र में चिंता बढ़ी है। नए सत्र के छात्र-छात्राओं में नए पाठ्यक्रम के प्रति उत्सुकता बढ़ रही है। लेकिन दूसरी तरफ विद्यालय-महाविद्यालय और विश्वविद्यालय इस महामारी के सामने ऑफलाइन वर्ग संचालित करने को मजबूर है।
दरभंगा। कोरोना का संक्रमण हर क्षेत्र के लिए चुनौती बन रहा है। लेकिन, शिक्षा के क्षेत्र में चिंता बढ़ी है। नए सत्र के छात्र-छात्राओं में नए पाठ्यक्रम के प्रति उत्सुकता बढ़ रही है। लेकिन दूसरी तरफ विद्यालय-महाविद्यालय और विश्वविद्यालय इस महामारी के सामने ऑफलाइन वर्ग संचालित करने को मजबूर है। वर्तमान परिस्थिति राज्य के सुदूर शैक्षणिक संस्थान और शिक्षा प्रणाली को तकनीकी कुशलता के लिए प्रेरित कर रही है। शिक्षक भी इसके प्रति अपने कुशलता और स्त्रोतों को जुटाने के प्रति उत्सुक दिख रहे हैं। यह छात्रों के हित में बड़ा फैसला है।
उक्त बातें सुपौल बाजार, बिरौल स्थित बिहार सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त शैक्षणिक संस्थान एस कॉमर्स के निदेशक बलराम चौधरी ने कही। उन्होंने कहा कि शिक्षा एक महत्वपूर्ण उपकरण है जो हर किसी के जीवन में बहुत उपयोगी है। शिक्षा एक महत्वपूर्ण उपकरण है। यह हमें पृथ्वी पर अन्य जीवित प्राणियों से अलग करती है। यह मनुष्य को पृथ्वी का सबसे चतुर प्राणी बनाती है। यह मनुष्य को सशक्त बनाती है। उन्हें जीवन की चुनौतियों का कुशलता से सामना करने के लिए तैयार करती है। पूर्ण विश्वास है कि हम लोग वर्तमान परिस्थिति से उबर कर सामान्य स्थिति में आएंगे। इस प्रतिबंधित वातावरण में किसी का भी घर से बाहर जाना ठीक नहीं है। स्कूल, कॉलेज और कोचिग सेंटर जाने वाले शिक्षार्थी भी लगभग चार महीनों से अपने शिक्षकों से मिलने तक से वंचित हैं। ऐसे में किसी तरह घर में रहकर छात्र अपनी पढ़ाई में निरंतरता और विश्वास बनाए रखें, ये छात्रों के साथ-साथ शिक्षकों के लिए भी चुनौती जैसा है। अचानक से सभी शिक्षकों और छात्रों के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया उतना प्रभावी ढंग से काम नहीं कर रहा है, जितनी इसकी आवश्यकता है। लेकिन, अच्छी योजना के तहत इसे ज्यादा प्रभावी बनाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन कोर्स स्टडी के बारे में अब सभी का सोचना का ये सही युग जैसा है। अब समय आ गया है जब शिक्षक को टीचिग एड के प्रयोग करने, ऑनलाइन टीचिग को कारगर साबित करने और शिक्षार्थियों का इसका भरपूर लाभ पहुंचाने के बारे में कदम बढ़ाना चाहिए। इस तकनीकी शिक्षा से न ही हम अपने शिक्षा में निरंतरता रखेंगे, बल्कि वैश्विक स्तर पर शिक्षा से जुड़ने का मौका हासिल करेंगे। ये समय बदलाव का है, निराशा का नहीं। सभी शिक्षक और छात्रों को इस चुनौती को स्वीकारते हुए अपने शैक्षणिक स्तर में थोड़े बदलाव के बारे में सोचना चाहिए। अब शिक्षा से लेकर शैक्षणिक संस्थानों की सारी जानकारियां ऑनलाइन उपलब्ध होती है। कई प्रतियोगिता परीक्षा अब ऑनलाइन ही हो रही हैं। आज की परीक्षा ज्यादा कॉन्सेप्टुअल प्रश्नों को सम्मिलित करती हैं तो यह जरूरी है कि छात्र संबंधित परीक्षा के प्रश्नों के प्रारूप देख कर उस पर मेहनत करें। एक सही योजना, विश्वास और कड़ी मेहनत से किसी भी परीक्षा में सफलता पाना संभव है। आज हर तरह का स्टडी मटेरिअल ऑनलाइन उपलब्ध हैं। छात्रों को अपनी पढ़ाई को प्रभावशाली बनाने के लिए उन्होंने सलाह दिया कि कुछ तरीके अपनाकर छात्र पढ़ाई में निरंतरता और विश्वास कायम कर सकते हैं।
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