22 पैक्स पर धान की खरीद सिर्फ चार जगह, दरभंगा में बेनीपुर के किसान मायूस
दरभंगा जिले के बेनीपुर प्रखंड में धान खरीद की धीमी गति से किसान परेशान हैं। 22 पैक्सों में से केवल चार पर ही खरीद हो रही है, जिससे किसानों में निराशा है। किसान खरीद केंद्रों की कमी और लंबी कतारों से परेशान हैं। उन्होंने जिला प्रशासन से धान खरीद की गति बढ़ाने और अधिक केंद्र खोलने की मांग की है। अधिकारियों ने जल्द ही समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया है।

दरभंगा जिले के बेनीपुर में बंद एक पैक्स। जागरण
संवाद सहयोगी, बेनीपुर (दरभंगा)। बेनीपुर नगर परिषद के 29 वार्ड तथा 16 पंचायत मिलाकर कुल 22 पैक्सों में से मात्र चार पैक्स के धान क्रय केंद्र पर ही किसानों से धान की खरीदारी शुरू हो सकी है।
इन धान क्रय केंद्रों पर भी किसान धान बेचने के प्रति उदासीन बने हुए हैं। जिन क्रय केंद्रों पर अब तक धान खरीदी जा रही है उनमें बेनीपुर नगर परिषद, माधोपुर- मोहम्मदपुर, शिवराम तथा सझुआर पैक्स शामिल हैं। बाकी 18 पैक्सों पर धान की खरीदारी नहीं होने से अधिकांश किसान धान को औने पौने दाम में बिचौलिये के हाथ बेच रहे हैं।
अधिकांश पैक्स अध्यक्षों द्वारा किसानों से धान खरीदने के लिए बैंक से कैश क्रेडिट संबंधित एग्रीमेंट अब तक नहीं होने के कारण धान की खरीदारी नहीं हो रही है। जरिसो पंचायत के पैक्स अध्यक्ष श्याम यादव का कहना है कि एक दो दिन में एग्रीमेंट हो जाएगा, वैसे तत्काल अपने रिस्क पर किसानों से साधारण धान 2379 रुपये प्रति क्विंटल खरीद रहे हैं।
पिछले वर्ष धान क्रय केंद्र की स्थापना एसएफसी गोदाम में भी की गई थी लेकिन इस बार अब तक क्रय केंद्र का कहीं अतापता नहीं है। कई किसानों का कहना है कि स्थानीय प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी की उदासीनता के कारण ही 22 में से चार पैक्स पर किसानों से धान की खरीदारी अब तक शुरू हुई है।
किसानों की उम्मीदों पर फिर रहा पानी
हाबीभौआर के किसान ललित ठाकुर कहते हैं कि इस बार सरकार द्वारा धान का समर्थन मूल्य प्रति क्विंटल 2379 रुपये निर्धारित किए जाने के बाद यह आस जगी थी कि किसान अपने-अपने धान को बेचकर अपनी जरूरत को पूरा कर पाएंगे। लेकिन पैक्स द्वारा धान नहीं खरीदे जाने के कारण किसानों की सारी उम्मीदों पर पानी फिर गया।
धरौड़ा के किसान रामबहादुर राय का कहना है कि सरकारी स्तर पर किसानों से धान खरीद की व्यवस्था आज तक नहीं किए जाने के कारण क्षेत्र के अधिकांश किसान अपने-अपने धान को 1600 से 1700 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से बिचौलियों से बेच रहे हैं।
घोंघिया के हरेकांत ठाकुर कहते हैं कि आखिर सरकार की घोषण के बावजूद आज तक पैक्स द्वारा किसानों से धान क्यों नहीं खरीदा जा रहा है, इसकी उच्चस्तरीय जांच हो तथा दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
बहेड़ा के किसान उमेश झा का कहना है कि पैक्सों पर किसानों से धान खरीद किए जाने की व्यवस्था होनी चाहिए और समय पर धान की कीमत का भुगतान होना चाहिए। कई किसान धान को स्टॉक कर रखे हैं ताकि उनका धान सरकारी रेट पर बिक जाए।
क्षेत्र के अधिकांश पैक्स अध्यक्षों द्वारा बैंक से कैश क्रेडिट संबंधित एग्रीमेंट नहीं होने के कारण उनके खाते में धन क्रय की राशि नहीं गई है। अब बैंकों से एग्रीमेंट करने की प्रक्रिया पैक्स अध्यक्षों द्वारा शुरू हो गई है। वर्तमान में क्षेत्र के 22 पैक्स में से चार पैक्स पर ही धान की खरीदारी शुरू हुई है।
- अजय कुमार, प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी।

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