दरभंगा । मिथिला स्टूडेंट यूनियन के आह्वान पर मिथिला में किए गए बंद का दरभंगा में मिलाजुला असर देखा गया। यूनियन के कार्यकर्ताओं के तेवर को देख कई निजी स्कूल संचालकों ने पूर्व में ही विद्यालय बंद करने की घोषणा कर दी। मिथिला के विकास को लेकर किए बंदी को सफल बनाने के लिए दर्जनों कार्यकर्ताओं ने मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की। शहर के दोनार, अल्लपट्टी, बलभद्रपुर चौक, लहेरियासराय टावर, लोहिया चौक आदि जगहों पर आगजनी कर काफी देर तक सड़क को जाम रखा। इससे आने-जाने वाले लोगों को परेशानी हुई और वाहनों की लंबी कतारें लग गई। इस दौरान कार्यकर्ताओं की टोली ने प्रदर्शन कर कई दुकानों को बंद कराया। कुछ देर बाद लोगों ने अपनी बंद दुकानों को खोल दिए। हालांकि, कहीं-कही कार्यकर्ताओं ने उग्र आंदोलन भी किया। मिथिला डेवलपमेंट बोर्ड की स्थापना, एक लाख करोड़ रुपये का पैकेज, मिथिला क्षेत्र के 20 जिलों का विकास बोर्ड के माध्यम से केंद्र सरकार के व्यय पर सात करोड़ लोगों का उत्थान करने की मांग की। विवि अध्यक्ष अमन सक्सेना ने एम्स, आइआइटी, आइआइएम, आइटी पार्क, टेक्सटाइल पार्क की स्थापना की मांग को लेकर सरकार को जल्द मूर्त रूप देने को कहा। स्पेशल एजुकेशन जोन,मिथिला के हर जिले में मेडिकल व इंजीनिय¨रग कॉलेज की स्थापना, बंद उद्योग को चालू करने, बाढ़-सुखाड़ से मुक्ति, भाषा के संवर्धन के लिए बजट बनाने, कृषि आधारित उद्योग, डेयरी, मत्स्य पालन की व्यवस्था मिथिला के विकास के लिए जरूरी बताया। पूर्व घोषणा के अनुकूल कार्यकर्ताओं ने आवश्यक सेवाओं को बंद से अलग रखा। राष्ट्रीय प्रवक्ता विद्याभूषण राय पहले ही इसकी घोषणा कर चुके थे। हालांकि, कई जगहों पर किए गए सड़क जाम से दो घंटे के लिए आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इस दौरान मिथिला स्टूडेंट के दर्जनों छात्रों ने शहर का भ्रमण कर दुकान, स्कूल आदि को बंद करने और बंदी का समर्थन के लिए उग्र प्रदर्शन किया। छात्रों को रोष को देखते हुए जगह-जगह पर भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। हालांकि, बंदी के दौरान कोई अप्रिय घटना नहीं घटी।

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस